लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
महाप्रसाद देवा ने दुर्लभ – महंतरमता राम महाराज
गौतम शर्मा
राजसमन्द, कुंवारिया। कुरज कस्बे में बस स्टैंड पर रामद्वारा परिसर में चातुर्मास के अंतर्गत कथा में रमता राम महाराज ने भक्त चरित्र कथा के अंतर्गत तुलसी की माला कं ठि एवं भक्तों के प्रसाद का विशेष महत्व बताते हुए कहा कि जिस भक्त के गले में तुलसी की माला होती है वह कभी अद्योगति मैं नहीं जाता तुलसी की माला के प्रभाव से ही मन में सात वि क ता रहती है और म न सहज भगवत चरणों में लगा रहता है एवं दूस्ट शक्तियां एवं भूत प्रेत का भय नहीं रहता है महाराज ने कथा के दौरान भगवत प्रसाद की महिमा बताते हुए कहा कि भगवान का प्रसाद संतो के द्वारा मिलने वाला जो प्रसाद उसे प्रसाद की विशेष महिमा है उस प्रसाद को पा पान पानी से उसे प्रसाद को पानेसे मन एवं हृदय शुद्ध होता है भक्ति प्राप्त होती कोई बड़भागी जीव हि संत प्रसाद को ग्रहण कर पाता है क्योंकि देवताओं को भी यह प्रसाद दुर्लभ है संतो के प्रसाद के फल स्वरुप एक दासी पुत्र देव ऋषि नारद हो गए थे ऐसे संत प्रसाद की बहुत महिमा है जो क ह ने में नहीं आती है इसलिए जीवन में भगवत नाम संतों का प्रसाद और गले में तुलसी माला धारण करनी चाहिए।
इस दौरान जगदीश चंद्र काबरा,कैलाश गिरी गोस्वामी ,बसंती लाल सोनी, माधव लाल जाट,राधेश्याम लाहोटी, ओम प्रकाश जाट ,भेरूलाल माली ,बंसीलाल खटीक स हि त क ई पुरुष एवं महिलाएं थी।
