लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
भीलवाड़ा | रिपोर्ट: पंकज पोरवाल
कृषि विभाग के सहायक निदेशक डॉ. धीरेन्द्र सिंह राठौड़ एवं कृषि अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर ने खेतों का निरीक्षण करते हुए खरीफ फसलों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कृषि पर्यवेक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए।
नियमित निरीक्षण और समय पर सलाह जरूरी
डॉ. राठौड़ ने कहा कि सभी कृषि पर्यवेक्षक नियमित रूप से किसानों के खेतों का भ्रमण करें और यदि फसलों में कीट या रोग का प्रकोप दिखाई दे, तो विभागीय सिफारिशों के अनुसार समय पर समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को उन्नत कृषि तकनीक जैसे गर्मी की गहरी जुताई, बीजोपचार, शस्य क्रियाओं की जानकारी समय पर दी जाए ताकि फसलों पर कीट व व्याधियों का प्रकोप न्यूनतम रहे।
पैकेज ऑफ प्रेक्टिस के अनुसार सलाह
कृषि अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर ने बताया कि कृषि पर्यवेक्षक हर गुरुवार को किसान सेवा केंद्र पर आने वाले किसानों को पौधों में लगने वाले कीट एवं व्याधियों की जानकारी पहले से दें ताकि किसान जैविक या रासायनिक नियंत्रण समय पर कर सकें।
परंपरागत खेती पर जोर
निरीक्षण के दौरान रासायनिक खेती की बजाय परंपरागत खेती को बढ़ावा देने पर भी बल दिया गया।
गांवों का दौरा और मिनिकिट वितरण
कृषि विभाग की टीम ने भोली, आरजिया, कीरखेड़ा, बदाली खेड़ा, तसवारियां, तेली खेड़ा, पालड़ी सहित कई गांवों का दौरा किया। यहां खरीफ फसलों का निरीक्षण किया गया और विभाग की ओर से वितरित किए गए मक्का, ज्वार, मूंग, उड़द व ढैचा मिनिकिट तथा विभागीय प्रदर्शनों की फसल स्थिति देखी गई।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारी व कृषक
इस अवसर पर सहायक कृषि अधिकारी श्याम लाल तम्बोली, कृषि पर्यवेक्षक टीना खटीक, पुष्पा जाट, उदय लाल जाट, सुखदेव चौधरी, निर्मला देवी, सब्बीर खान, देवीलाल सहित अनेक कृषक मौजूद थे।
