लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
बारहठ संस्थान के आयोजन में पर्यावरण प्रेमियों का सम्मान, पैनोरमा परिसर में 100 पौधे लगाने की घोषणा।
विनोद सेन | भीलवाड़ा
शाहपुरा/भीलवाड़ा। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित पद्मश्री हिम्मताराम भांबू के दो दिवसीय शाहपुरा प्रवास के दौरान सोमवार को क्रांति तीर्थ शाहपुरा में उनका भव्य अभिनंदन किया गया। न्यू बस स्टैंड पर बारहठ संस्थान के पदाधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः मुखर्जी उद्यान में आयोजित योग सत्र से हुई, जहां योग प्रशिक्षक जितेंद्र वर्मा और धारा सिंह ने पद्मश्री भांबू का स्वागत किया। इसके बाद नवनिर्मित बारहठ केसरी सिंह पैनोरमा परिसर में वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर भारत विकास परिषद के पवन कुमार बांगड़, थानमल जीनगर, जगदीश पारीक एवं भवानी सिंह कविया सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इसके बाद पद्मश्री हिम्मताराम भांबू ने अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के मुख्य पीठाधीश के दर्शन किए तथा बारहठ हवेली संग्रहालय का अवलोकन किया। पंचायत समिति सभागार में आयोजित अभिनंदन समारोह में बारहठ संस्थान की ओर से उनका सम्मान किया गया।
समारोह के दौरान बारहठ क्रांति वीरों के चित्रों का लोकार्पण किया गया। संस्थान ने इन चित्रों को विद्यालयों एवं सरकारी कार्यालयों में स्थापित करने का आह्वान किया, ताकि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से परिचित कराया जा सके।
राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भवानी सिंह कविया ने केसरी सिंह बारहठ परिवार के बलिदान और राष्ट्रभक्ति पर प्रकाश डाला। विशाल सिंह सौदा ने बारहठ केसरी सिंह पैनोरमा के उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी।
इस दौरान उर्मिला एवं डाली प्रजापति ने “हरियालो राजस्थान” अभियान का गीत प्रस्तुत कर वातावरण को संगीतमय बना दिया।
“एक पीपल से पद्मश्री तक” का सफर साझा किया
पद्मश्री हिम्मताराम भांबू ने अपने प्रेरणादायी जीवन संस्मरण साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार एक पीपल के पौधे से शुरू हुआ उनका पर्यावरण संरक्षण का अभियान उन्हें पद्मश्री सम्मान तक ले गया। उन्होंने समय प्रबंधन, कर्म और कर्तव्य के महत्व पर भी अपने अनुभव साझा किए।
पर्यावरण प्रेमियों का हुआ सम्मान
समारोह में पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वाले विभिन्न व्यक्तियों को संस्थान की ओर से प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में थानमल जीनगर, आजाद कुमार चड्ढा, नारायण सिंह, योग गुरु धारा सिंह पड़िहार, प्रताप सिंह राणावत, श्रेया कुमावत, दिलीप वैष्णव, जगदीश प्रसाद पारीक, हेमा कुमारी माली, कमलेश मुंडिया, राजू रैगर और विकास घुसर सहित अन्य शामिल रहे।
पैनोरमा परिसर में लगाए जाएंगे 100 पौधे
संस्थान के सचिव कैलाश सिंह ने बताया कि सेठ लक्ष्मीनिवास झुनझुनवाला के शतायु सम्मान में बारहठ केसरी सिंह पैनोरमा परिसर में 100 पौधों का रोपण किया जाएगा। उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ क्रांति वीरों को समर्पित हरित श्रद्धांजलि बताया।
एलएनजे ग्रुप ने सराहा संस्थान का कार्य
एलएनजे ग्रुप भीलवाड़ा के ओएसडी रजनीश वर्मा ने शहीद प्रताप सिंह बारहठ सेवा संस्थान की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2012 से एलएनजे ग्रुप संस्थान के सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में सहयोग करता आ रहा है।
कार्यक्रम में पूर्वांचल जन चेतना समिति की अनुराधा झा, शिल्पी सिंह, रविन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं पत्रकार उपस्थित रहे। अंत में बारहठ स्मारक समिति के अध्यक्ष कन्हैयालाल धाकड़ ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।