लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
(रिपोर्ट: नितिन मेहरा, अजमेर)
अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित उप निरीक्षक (SI) एवं प्लाटून कमांडर प्रतियोगी परीक्षा-2025 का 5 अप्रैल को जिले के विभिन्न केंद्रों पर कड़े अनुशासन और सुरक्षा के बीच शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस परीक्षा के पहले दिन पुलिस और प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की।
हाई-टेक चेकिंग और डॉक्टरों की निगरानी
परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस बार हाई-टेक जांच व्यवस्था अपनाई गई। मेटल डिटेक्टर से जांच के साथ अभ्यर्थियों के कान और गर्दन की सूक्ष्म तलाशी ली गई। ‘माइक्रो ब्लूटूथ’ जैसे उपकरण पकड़ने के लिए विशेष टॉर्च और ईएनटी विशेषज्ञों के सुझावों का उपयोग किया गया।
समय की सख्ती: देरी पर नो एंट्री
पहली पारी सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन केंद्र के द्वार सुबह 10 बजे ही बंद कर दिए गए। एक मिनट की देरी से पहुंचे अभ्यर्थियों को भी प्रवेश नहीं दिया गया। दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई, जिसमें दोपहर 2 बजे तक ही प्रवेश की अनुमति रही।
ड्रेस कोड और सख्त तलाशी
अभ्यर्थियों को जूते, मोजे, बेल्ट और बड़े बटन वाले कपड़े बाहर ही उतरवाने पड़े। महिला अभ्यर्थियों को केवल साधारण रबर बैंड और कांच की चूड़ियों के साथ प्रवेश दिया गया। किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, स्मार्ट वॉच या डिजिटल पेन पूरी तरह प्रतिबंधित रहे।
प्रशासनिक निगरानी और फ्लाइंग स्क्वाड
जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी संवेदनशील केंद्रों का लगातार दौरा कर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। सोशल मीडिया पर अफवाहों पर नजर रखने के लिए साइबर सेल भी सक्रिय रही।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि नकल या डमी कैंडिडेट के मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए जेल और आजीवन प्रतिबंध लगाया जाएगा। परीक्षा 6 अप्रैल को भी इसी तरह के सख्त प्रोटोकॉल के साथ जारी रहेगी।
