लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सिग्नल से सिस्टम तक: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने Student–Police Internship Framework प्रस्तावित किया
झोटवाड़ा में ‘Civic & Traffic Responsibility’ अभियान की शुरुआत
जयपुर। जनसहभागिता आधारित सुशासन की दिशा में एक नई पहल करते हुए विधायक कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख ट्रैफिक जंक्शनों—सिरसी रोड, विजय द्वार और वैशाली—पर विद्यार्थियों के साथ मिलकर ‘Civic & Traffic Responsibility’ अभियान संचालित किया।
यह पहल चालान या दंड आधारित कार्रवाई के बजाय नियमों का पालन करने वाले नागरिकों के सम्मान और प्रोत्साहन पर केंद्रित रही। ट्रैफिक नियमों का पालन कर रहे वाहन चालकों का सार्वजनिक रूप से अभिनंदन किया गया। विद्यार्थियों ने मौके पर उपस्थित रहकर ट्रैफिक प्रबंधन की प्रक्रिया को समझा, नागरिकों से संवाद किया और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार का महत्व प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से जाना।
Enforcement से Engagement की ओर
कर्नल राठौड़ ने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार केवल बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से नहीं, बल्कि नागरिकों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव से संभव है। उन्होंने कहा, “सुशासन का अर्थ केवल निर्देश देना नहीं, बल्कि समाज में सहभागिता की भावना उत्पन्न करना है।”
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राजस्थान पुलिस और गृह विभाग से आग्रह किया कि इस पहल को आगे बढ़ाते हुए एक संरचित Student–Police Internship Framework पर गंभीरता से विचार किया जाए।
युवाओं को मिलेगा नेतृत्व का अवसर
उन्होंने कहा कि आज का युवा तीव्र प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजर रहा है और केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है। युवाओं के रिज़्यूमे में सामाजिक सहभागिता, नेतृत्व अनुभव और नागरिक समझ भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि विद्यार्थियों को ट्रैफिक प्रबंधन, सार्वजनिक व्यवस्था और नागरिक अनुशासन को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिले, तो यह केवल जागरूकता अभियान नहीं रहेगा, बल्कि नेतृत्व निर्माण की प्रक्रिया बनेगा।
राठौड़ ने स्पष्ट किया कि सिरसी, विजय द्वार और वैशाली में आयोजित यह कार्यक्रम एक पायलट पहल है, जिसे आगे संस्थागत ढांचे में विकसित करने का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि आज चौराहे पर खड़े विद्यार्थी ही कल के प्रशासक, पेशेवर और नीति-निर्माता बनेंगे। जमीनी स्तर पर व्यवस्था को समझकर वे भविष्य में अधिक सुदृढ़ और जवाबदेह संस्थाओं का निर्माण कर सकेंगे।
“आज जिम्मेदारी, कल मजबूत व्यवस्था”— इसी संदेश के साथ यह अभियान जनजागरूकता और सहभागिता की नई दिशा में एक सार्थक कदम माना जा रहा है।
