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जोहिडा भैरूजी बावजी मेले का 64वां पांच दिवसीय सांस्कृतिक मेला समापन

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले व्यापारियों को दिया सम्मान, कवि सम्मेलन ने बढ़ाया उत्सव का रंग

राजसमन्द (गौतम शर्मा)।
राजसमन्द जिले के कुंवारिया में आयोजित जोहिडा भैरूजी बावजी का पांच दिवसीय सांस्कृतिक मेला का समापन कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हरिसिंह राठौड़ के मुख्य आतिथ्य में हुआ।

प्रमुख उपस्थित अतिथि और आयोजन

विशिष्ट अतिथि रहे पूर्व जिला प्रमुख नारायण सिंह भाटी, पूर्व प्रधान शांतिलाल कोठारी, रेलमगरा प्रधान आदित्य प्रताप सिंह, कुंवारिया प्रशासक सरपंच ललित श्रीमाली, घाटी सरपंच कमला सालवी, थानाधिकारी उदयलाल बरगट और अन्य गणमान्य नागरिक।
अतिथियों का ढोल नगाड़े के साथ स्वागत किया गया। सबसे पहले अतिथियों ने जोहिडा बावजी की पूजा-अर्चना की और फिर मेला स्थल पर पहुँचे।

कार्यक्रम की शुरुआत घाटी स्कूल की छात्राओं द्वारा रंगीलो मारो ढोलड़ो राजस्थानी गानों पर उत्साही नृत्य प्रस्तुति से हुई।

मेले का महत्व

मुख्य अतिथि हरिसिंह राठौड़ ने कहा कि कुंवारिया जोहिडा बावजी का मेला केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि उत्तर भारत में भी प्रसिद्ध है। यहाँ दूर-दराज से व्यापारी मवेशी और अपने सामान लेकर आते हैं और व्यापार करते हैं।
पूर्व जिला प्रमुख भाटी ने कहा कि यह 64वां मेला है, जो ढाई सौ बीघा क्षेत्र में फैला हुआ है और अपने यौवन पर लगातार चल रहा है।

व्यापारियों का सम्मान

मेला में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले व्यापारियों को मोमेंटो और पारितोषिक देकर नवाजा गया। इस अवसर पर प्रधान अरविंद सिंह राठौड़, उपप्रधान सुरेश कुमावत, बीडीओ महेश गर्ग सहित अन्य अधिकारियों ने भी सम्बोधित किया। बाद में मेले का ध्वज उतारा गया

कवि सम्मेलन में रंगीनी

मेला के दौरान गुरुवार रात को विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।

  • सतीश आचार्य ने कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से की।

  • ओम आदर्शी ने मेवाड़ी हास्य अंदाज में श्रोताओं को खूब हंसाया और गाँव की संस्कृति पर अपने कविताओं के माध्यम से प्रकाश डाला।

  • स्थानीय कवि कैलाश सालवी ने वीर रस की प्रस्तुतियाँ दीं।

  • पं. गौरव पालीवाल ने हास्य-व्यंग प्रस्तुत किया।

  • उदयपुर से कैलाश सेनी ने राम गीत सुनाए।

  • सीतामऊ (म.प्र.) से रजनीश शर्मा ने देशभक्ति की कविताएँ प्रस्तुत की।

  • गंगरार से सोहन चौधरी और सतीश आचार्य ने भावपूर्ण गीतों के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

कार्यक्रम का संचालन नवीन सारथी ने किया। कवि सम्मेलन रात 2 बजे तक चला।

उपस्थिति

पंचायत समिति के उपप्रधान सुरेश कुमावत, कुंवारिया प्रशासक ललित श्रीमाली, पंचायत समिति सदस्य कुसुम तातेड, लेखाकार प्रेमचंद बंशीवाल, केसर सिंह, ललित पालीवाल, सुमन कुमावत सहित सैकड़ों श्रोता उपस्थित रहे।

मेला न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक रहा, बल्कि व्यापारियों और कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का भी अवसर प्रदान करता है।

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