जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिला कलेक्टर ने दिए निर्देश

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

सीएचओ और एएनएम को प्रतिदिन का लक्ष्य देकर फिल्ड में करवाए काम

सीकर । चिकित्सा विभाग की जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक गुरूवार को जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा की अध्यक्षता में जिला कलेक्ट्रेट स्थिति सभागार में हुई। बैठक में मौसमी बीमारियां, एनसीडी स्क्रीनिंग, क्षय रोग उन्मूलन, टीकाकरण, प्रसव, आभा आईडी सहित सभी विभागीय योजनाओं, कार्यक्रमों व गतिविधियों की समीक्षा की गई।
उप मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ निर्मल सिंह ने बताया कि एनसीडी कार्यक्रम में 30 वर्ष के अधिक आयु के लोगों की स्क्रीनिंग तथा री-स्क्रीनिंग लक्ष्य के अनुपात में कम की जा रही है। उन्होंने सभी सीएचओ, एएनएम के माध्यम से जनसंख्या के अनुपात में एनसीडी की स्क्रीनिंग करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया ब्लॉकवार समीक्षा करते हुए बताया कि दांता ब्लॉक की उपलब्धि में 0.96 प्रतिशत, नेछवा की 0.66, सीकर अरबन की 0.20 पिपराली की 0.54 उपलब्धि ही गत बैठक से इन्क्रीज हुई है। साथ ही उपचार व फॉलोअप में भी सुधार करने पर जोर दिया। डिप्टी सीएमएचओ डॉ निर्मल सिंह ने अवगत कराया कि रींगस क्षेत्र में गंदे पानी की आपूर्ति से डायरिया होने की संभावना है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अशोक महरिया ने सीएचओ व एएनएम के कार्य की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने रींगस क्षेत्र में पानी के सैम्पल लेकर जांच के लिए भिजवाने के निर्देश दिए। साथ ही एनसीडी स्क्रीनिंग, फॉलोअप के लिए सीएचओ व एएनएम को प्रतिदिन का लक्ष्य देकर आभा आईडी बनवाने तथा आभा कार्ड वितरित करवाने पर जोर दिया।

जिला कलेक्टर ने मुकुल शर्मा ने निर्देश दिए कि ई-केवायॅसी, आभा आईडी बनाने तथा कार्ड वितरण कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर बीसीएमओ कार्रवाई कर सीएमएचओ को अवगत करवाए। सभी बीसीएमओ सीएचओ से प्रतिदिन किए गए कार्य को फिडबैक लेंवे और सीएचओ की मीटिंग लेंवे। साथ ही अरबन क्षेत्र में सात दिवस में सुधार कर अवगत कराने के निर्देश दिए। आभा आईडी को एनसीडी पार्टल पर लिंक करने में कोई समय नहीं लगता है। उन्होंने रींगस क्षेत्र में पानी जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए जलदाय विभाग को पत्र लिखने के निर्देश दिए। साथ ही सभी चिकित्सकों से विजिलेंट रहकर कार्य करने के निर्देश दिए। ई-केवॉसी के कार्य में जिला 18वें पायदान पर रहने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि आगामी बैठक में टॉप पांच जिले की रैकिंग रहनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने डिप्टी सीएमएचओ को पांच दिन बाद वीसी लेकर समीक्षा करने के निर्देश दिए।

एमएनडीवॉय की रैकिंग में जिला टॉप पांच में रहना चाहिए

जिला औषधी भंडार के प्रभारी डॉ सीपी ओला ने अवगत कराया कि मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना की रैकिंग में सीकर जिला प्रदेश स्तर से जारी होने वाली रैकिंग में पिछड़ा है। दिसम्बर माह में जिला पांचवें पायेदान पर था, जो जनवरी माह में सातवें स्थान है। उन्होंने बताया कि रैकिंग में गिरावट का एक कारण लॉ परफोर्मेंस वाले चिकित्सा संस्थान हैं। लादी का पास, हाथीदेह, अरबन पीएचसी लक्ष्मणगढ, दीपावास, किरडोली, धींगपुर, सिंगरावट, टोडा, फागलवा, डाबा वाली लॉ परफोर्मेंस वाले चिकित्सा संस्थान हैं। इन पर लगातार मॉनिटरिंग करने की जावंे, ताकि इनकी परफोर्मेंस में सुधार हो। उन्होंने बताया कि लादी वास, डाबला, चीपलाटा, ताजसर, छावनी पीएचसी पर वार्षिक डिमांड के अनुपात में कम स्टॉक रखा जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अशोक महरिया ने उन्होंने सभी बीसीएमओ को लगातार मॉनिटरिंग करने तथा लॉ परफोर्मेंस वाले संस्थानों के प्रभारी अधिकारियों की बैठक लेकर सुधार करवाने के निर्देश दिए।

जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने सभी संस्थानों पर बफर स्टॉक रखने, ई-औषधि सॉफटवेयर में पर्चियों तथा रोगी के मोबाइल का इंद्राज करवाने तथा बिना चिकित्सक की अनुमति के एनए हिट करने वाले कम्प्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला टॉप पांच में रहना चाहिए। इसके लिए किसी भी सूरत में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

प्रसव के समय महिला के साथ स्वास्थ्य कर्मियों का व्यवहार शालीन व सभ्य होना चाहिए

जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विशाल सिंह ने एएनसी पंजीकरण की समीक्षा करते हुए बताया कि दांता ब्लॉक की 69.60 प्रतिशत, फतेहपुर की 66.04, खण्डेला की 68.79, कूदन की 66ण्74, लक्ष्मणगढ की 66ण्2, नेछवा की 68.61, पिपराली की 70.04 प्रतिशत उपलब्धी है। वहीं 12 सप्ताह पहले एएनसी पंजीकरण में सीकर शहर की उपलब्धि मात्र 45.95 प्रतिशत है। वहीं गर्भवती की तीन जांच में भी सीकर अबरन तथा चौथीं जांच में सीकर अरबन व फतेहपुर ब्लॉक की उपलब्धि कम है। उन्होंने इसमें सुधार करने के निर्देश दिए।
सीएमएचओ डॉ अशोक महरिया ने एएनसी की शीघ्र पहचान कर समय पर सभी जांच हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आशा सहयोगिनियों को एएनसी की पहचान कर शीघ्र पंजीकरण करवाने के लिए मॉनिवेट करने पर जोर देते हुए कहा कि इसका सीघा असर टीकाकरण पड़ता है।

निदेशालय द्वारा लक्ष्य ज्यादा दिए जाने पर जिला कलेक्टर ने निदेशक जन स्वास्थ्य को पत्र लिखने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रसव के समय महिला के साथ स्वास्थ्य कर्मियों का व्यवहार अच्छा और सभ्य होना चाहिए। उन्होंने मीसिंग डिलीवरी, यू-विन, एमआर वन व एमआर द्वितीय डोज, टीडी वैक्सीन के लक्ष्य के अनुसार उपलब्धि अर्जित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में स्वास्थ्य कर्मियों को भेजकर टीडी को लगवाने के निर्देश दिए। सीकर अरबन में विशेष सुधार करवाकर अवगत कराने के निर्देश दिए।

77 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने के लिए किया जाएगा सर्वे

बैठक में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ रतनलाल ने टीबी उन्मूलन की दिशा में की जा रही गतिविधियों से अवगत कराया कि जिले की 372 ग्राम पंचायतों में 77 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किए जाने के लिए सर्वे किया जाएगा। इसके लिए बाद उन ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जाएगा। साथ ही सीएचसी श्रीमाधोपुर, सीएचसी पाटन, एसडीएच नेछवा, अजीतगढ आदि चिकित्सा संस्थानों में ओपीडी समय में रोगी का सैम्पल लेकर टीबी की जांच करवाने के निर्देश दिए। सीएमएचओ डॉ अशोक महरिया ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान के तहत जिले की अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करवाने की दिशा में कार्य करने पर जोर देते हुए सभी सीएचसी प्रभारी अधिकारियों को टीबी रोगियों की जांच करवाया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिला कलेक्टर ने अभियान के तहत टीबी रोगियों को पोषण किट उपलब्ध करावने के लिए भामाशाह को प्रेरित करने तथा उपचाराधीन सभी रोगियों का पोर्टल पर सात में इंद्राज किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कूदन ब्लॉक में सबसे कम उपलब्धि होने पर बीसीएमओ को सख्त मॉनिटरिंग कर अवगत कराने के निर्देश दिए। बैठक में जिले के सभी बीसीएमओ, सीएचसी प्रभारी अधिकारी मौजूद थे।

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