लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सलूंबर । जिला कलेक्टर अवधेश मीना की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जल शक्ति अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण से संबंधित गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई।
जन आंदोलन बने जल संरक्षण: कलेक्टर
कलेक्टर मीना ने कहा कि जल शक्ति अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को जन आंदोलन के रूप में विकसित करना है। इसके लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने विभागीय योजनाओं के माध्यम से तालाबों का गहरीकरण, नालों की सफाई, परंपरागत जल स्रोतों का पुनर्जीवन और नई जल संरचनाओं के निर्माण पर प्राथमिकता से कार्य करें।
‘कैच द रैन’ थीम के तहत कार्य पूरे करने के निर्देश
कलेक्टर ने कहा कि “कैच द रैन – जल संचय, जन भागीदारी, जन-जागरूकता की ओर” थीम के तहत आगामी वर्षा ऋतु से पूर्व सभी जल संचयन एवं निकासी संरचनाओं की सफाई व मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। प्रत्येक विकासखंड में विशेष निगरानी दल गठित कर नियमित समीक्षा करने और रिपोर्ट जिला स्तर पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
जनजागरूकता और सामुदायिक भागीदारी पर जोर
कलेक्टर ने कहा कि विद्यालयों, स्व-सहायता समूहों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से जनजागरूकता बढ़ाई जाए ताकि जल संरक्षण का संदेश हर घर तक पहुंच सके। उन्होंने अभियान को मिशन मोड में संचालित करने और जिले को जल संपन्न बनाने की दिशा में ठोस प्रयास करने पर बल दिया।
वॉटर शेड महोत्सव की तैयारी
कलेक्टर मीना ने बताया कि केंद्र सरकार का वॉटर शेड महोत्सव 4 नवम्बर से 16 दिसंबर तक आयोजित होगा। इस अवधि को जल महोत्सव के रूप में मनाने की रूपरेखा तैयार की जाए।
धीमी प्रगति वाले विभागों पर कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो विभाग कार्य प्रगति में पीछे हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी विभागों को सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए कहा गया।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता रतन सिंह भाटी, एसीईओ दिनेश चंद्र पाटीदार, कृषि उपनिदेशक गोस मोहम्मद, उद्यानिकी विभाग, वन विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।















































