लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
हेमराज तिवारी वरिष्ठ संवाददाता
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का हालिया बयान – “इस उजाले को संभाल कर रखें…” – केवल एक राजनीतिक अपील नहीं, बल्कि उस विकास यात्रा की स्मृति है जो बीजेपी ने राजस्थान में डबल इंजन की सरकार के माध्यम से शुरू की थी। यह वक़्त है राजस्थान के वर्तमान और भविष्य का लेखा-जोखा करने का।
BJP का अब तक का लेखा-जोखा (Rajasthan में):
1. विकास का इंजन
BJP ने राजस्थान में केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वय को डबल इंजन की ताक़त बताया। इसके तहत:
राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे में भारी निवेश हुआ।
रेलवे कनेक्टिविटी, UDAN स्कीम, और स्मार्ट सिटी योजनाएं तेज़ी से लागू की गईं।
अजमेर रोड, जयपुर-कोटा कॉरिडोर, और बीकानेर-जोधपुर विकास परियोजनाएं भविष्य के निवेश के हॉटस्पॉट बने।
2. जनकल्याण योजनाएं
जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना और उज्ज्वला योजना के ज़रिये लाखों ग्रामीण परिवारों को लाभ मिला।
महिलाओं के लिए सुकन्या समृद्धि योजना, लाडली बहना योजना (कुछ BJP-शासित राज्यों में) को राजस्थान के सामाजिक-सांस्कृतिक ढांचे से जोड़ने की रणनीति अपनाई गई।
3. आंतरिक सुरक्षा और सांप्रदायिक संतुलन
बीजेपी सरकार ने कानून व्यवस्था को कड़ा करने, माफिया-राज पर नियंत्रण, और पंथनिरपेक्षता के नाम पर तुष्टिकरण की राजनीति को समाप्त करने का दावा किया।
4. राष्ट्रवाद और संस्कृति
भाजपा ने राजस्थान में संस्कृति, गोवंश रक्षा, धार्मिक पर्यटन (जैसे पुष्कर, रामदेवरा, मेहंदीपुर बालाजी) को विकास मॉडल से जोड़ा।
BJP का विज़न राजस्थान के लिए
जेपी नड्डा ने जो कहा – “इस उजाले को संभाल कर रखें…” – उसका सीधा अर्थ यह है कि:
> “अगर आज के निर्णय भविष्य की दिशा तय करते हैं, तो बीजेपी की सरकार सिर्फ चुनावी वादा नहीं, बल्कि भविष्य की स्थिरता है।”
भविष्य के फोकस एरिया:
1. विकास का डिजिटलीकरण: हर गाँव तक इंटरनेट, हर हाथ में स्मार्टफोन, हर युवा को डिजिटल स्किल।
2. स्वदेशी और स्टार्टअप: राजस्थान के पारंपरिक कारीगरों, हस्तशिल्प, MSMEs को ‘वोकल फॉर लोकल’ से जोड़ने की नीति।
3. पर्यटन और रोजगार: हेरिटेज पर्यटन को वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़कर करोड़ों युवाओं को रोज़गार।
4. शिक्षा और स्किल: IITs, AIIMS जैसे संस्थानों को राजस्थान में और फैलाना।
BJP का संदेश जनता से
जेपी नड्डा का बयान न केवल एक भावनात्मक अपील है, बल्कि यह एक संकेत है कि जब विकास की लौ जलती है, तो उसे केवल हवा की ज़रूरत होती है, न कि तूफ़ान की।
“इस उजाले को संभाल कर रखें…” एक आम जनता से आग्रह है कि आपने जो शुरुआत की है – उसे स्थिरता, विश्वास और सही निर्णयों से आगे बढ़ाएं।
विचार योग्य प्रश्न (जनता के लिए):
क्या राजस्थान फिर से अस्थिर गठबंधनों के हवाले हो सकता है?
क्या विकास और सुरक्षा के रास्ते को आगे बढ़ाने का ज़िम्मा हमारा नहीं?
क्या राजनीति अब सिर्फ वोट तक सीमित रहनी चाहिए, या यह विकास का उपकरण बननी चाहिए?










































