ईंधन कीमतों में कोई बदलाव नहीं, सरकार ने बल्क खरीदारों पर लगाई नई पाबंदी

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली/जयपुर | नितिन मेहरा

वैश्विक बाजार में जारी अनिश्चितताओं के बीच देशभर के उपभोक्ताओं को रविवार को राहत मिली है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने 14 जून 2026 को पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए कंपनियों ने फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपनाई है।

महानगरों में ईंधन की कीमतें

देश के प्रमुख महानगरों में स्थानीय करों और वैट के कारण ईंधन की कीमतों में अंतर बना हुआ है।

शहर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर)
नई दिल्ली 102.12 95.20
मुंबई 111.21 97.83
कोलकाता 113.51 99.82
चेन्नई 108.01 99.65

राजस्थान में क्या हैं दरें?

राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, हालांकि कई शहरों में दरें अब भी ऊंचे स्तर पर हैं। जयपुर में पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 97.78 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं जोधपुर, उदयपुर और श्रीगंगानगर जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमत 114 रुपये प्रति लीटर के आसपास बनी हुई है।

तेलंगाना में सबसे महंगा ईंधन

देश में सबसे महंगे ईंधन वाले राज्यों में तेलंगाना शामिल है। हैदराबाद में पेट्रोल 115.73 रुपये और डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच चुका है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पेट्रोल 102.05 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है, जबकि पटना में यह 113.35 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है।

एलपीजी और सीएनजी की स्थिति

घरेलू रसोई गैस की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का एलपीजी सिलेंडर 942 रुपये और मुंबई में 941.50 रुपये पर स्थिर है।

वहीं कमर्शियल 19 किलोग्राम सिलेंडर दिल्ली में 3,113.50 रुपये और कोलकाता में 3,255.50 रुपये में उपलब्ध है।

सीएनजी की बात करें तो दिल्ली-एनसीआर में इसकी कीमत 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि जयपुर में सीएनजी 96 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रही है।

सरकार का बड़ा फैसला, बल्क खरीदारों पर रोक

ईंधन की जमाखोरी और कृत्रिम कमी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नए निर्देशों के तहत औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत बड़े खरीदारों (Bulk Users) को सामान्य पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने पर 90 दिनों के लिए प्रतिबंध लगाया गया है।

इसके अलावा किसी भी वाहन को एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल ही दिया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इस फैसले से जमाखोरी पर अंकुश लगेगा और आम उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

बाजार पर रहेगी नजर

विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण आने वाले दिनों में ईंधन बाजार पर नजर बनी रहेगी। फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को कीमतों में स्थिरता से राहत मिली है।

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