लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गुरलां बस स्टैंड सिर्फ कागज़ों में, ETIM मशीन और टिकट विंडो पर अब तक नहीं फीड—यात्रियों को भारी परेशानी
गुरलां (भीलवाड़ा)। ग्राम पंचायत गुरलां में दस वर्ष पहले रोडवेज मुख्यालय जयपुर ने साधारण व एक्सप्रेस दोनों प्रकार की बसों के ठहराव को मंजूरी दी थी, लेकिन आज तक बसें यहां रुक नहीं रहीं। स्थिति यह है कि ETIM मशीनों से लेकर टिकट विंडो कम्प्यूटर तक में “गुरलां” का नाम फीड ही नहीं है, जिसके चलते यात्रियों को टिकट काटने में भी दिक्कत होती है।
परिणामस्वरूप गुरलां सहित आसपास के करीब एक दर्जन गांवों के यात्रियों को पुर, कारोई, गंगापुर या भीलवाड़ा मुख्यालय जाना पड़ता है।
10 साल पहले मिला था बस स्टैंड का दर्जा, लेकिन ठहराव ठप
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम मुख्यालय जयपुर ने करीब 10 वर्ष पूर्व गुरलां को साधारण और एक्सप्रेस बसों का अधिकृत स्टॉप घोषित किया था।
मुख्यालय की ओर से आदेश हुए थे कि—
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सभी चालक-परिचालक गुरलां पर यात्रियों को चढ़ाए-उतारेंगे
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ETIM मशीन व कम्प्यूटर सिस्टम में गुरलां बस स्टैंड फीड होगा
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सभी संबंधित रूटों पर यह स्टॉप अनिवार्य रहेगा
कुछ समय तक बसें रुकीं भी, लेकिन बाद में ठहराव पूरी तरह बंद हो गया।

सिस्टम में नाम न होने से टिकट भी नहीं कटता
यात्रियों का कहना है कि कई परिचालक ETIM मशीन में गुरलां का नाम न होने का हवाला देकर टिकट काटने से इनकार कर देते हैं।
राजसमंद, भीलवाड़ा व अन्य आगारों की एक्सप्रेस बसों में भी गुरलां का नाम टिकट पर नहीं छपता।
एक यात्री ने बताया—
“मैं कोटा से गुरलां उतरना चाहता था, लेकिन परिचालक ने कहा कि एक्सप्रेस बसों का यहां कोई स्टॉप नहीं, न ही मशीन में नाम फीड है।”
इन रूटों की बसें भी गुरलां से गुजरकर बिना रुके निकल जाती हैं
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भीलवाड़ा–उदयपुर
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भीलवाड़ा–नाथद्वारा
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कोटा, बारां, बूंदी
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अलवर, जयपुर, प्रतापगढ़
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राजसमंद, फालना, जोधपुर, पाली
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चित्तौड़गढ़ रूट
इन बसों का यात्री सड़क पर हाथ देने के बाद भी यहां रुकना मुश्किल है।
स्थानीयों की यह भी मांग: इन रूटों पर नई बसें शुरू हों
ग्रामीणों ने रोडवेज प्रशासन से मांग की है कि निम्न रूटों पर बसें शुरू की जाएं:
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भीलवाड़ा–सांवरिया सेठ (मंडपिया) वाया गुरलां, पहुना, राशमी, कपासन
– 4 बसें संचालित हों -
भीलवाड़ा–रायपुर वाया गुरलां, सांगवा, महेंद्रगढ़, गंगापुर
– 2 बसें संचालित हों -
चित्तौड़गढ़–रायपुर वाया हमीरगढ़, गाडरमाला, गुरलां, गंगापुर
– 2 बसें संचालित हों
गांवों के लोगों को रोजगार व आवागमन में दिक्कत
गुरलां व आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग रोजीरोटी के लिए भीलवाड़ा, रायपुर और गंगापुर आते-जाते हैं।
रात्रिकालीन बसें न रुकने से सबसे अधिक परेशानी होती है, खासकर महिलाओं व विद्यार्थियों को।
ग्रामीणों की अपील
ग्रामीणों ने मांग की है कि—
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गुरलां को व्यावहारिक रूप से बस स्टैंड लागू किया जाए
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चालक-परिचालकों को यहां अनिवार्य ठहराव के लिए पाबंद किया जाए
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ETIM मशीन व विंडो कम्प्यूटर में गुरलां का नाम तत्काल फीड किया जाए
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क्षेत्रवासियों को नियमित व सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्रदान की जाए