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गरीब किसान के बेटे ने रचा इतिहास, डॉ. प्रेमराज मीणा बने मनोचिकित्सक

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क


संवाददाता: नवीन शर्मा

करौली जिला (राजस्थान)। करौली जिले के नादौती क्षेत्र से निकलकर एक किसान का बेटा आज प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। डॉ. प्रेमराज मीणा को हाल ही में चिकित्सा मंत्री द्वारा मनोचिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में गर्व का माहौल है।

4 जून 1980 को बड़ा पुरा रौसी गांव में जन्मे प्रेमराज मीणा का बचपन अभावों में बीता। उनके पिता मीठा लाल मीणा एक साधारण किसान थे, लेकिन उन्होंने अपने बेटे को पढ़ाकर बड़ा आदमी बनाने का सपना देखा। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने हर कदम पर बेटे का साथ दिया और उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

प्रेमराज ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव से और उच्च माध्यमिक शिक्षा गंगापुर के सरकारी स्कूल से पूरी की। इसके बाद वे कोटा जाकर पीएमटी की तैयारी में जुटे और अपनी मेहनत के दम पर सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर से MBBS तथा मेडिकल कॉलेज, कोटा से मनोचिकित्सा में PG की पढ़ाई पूरी की।

पढ़ाई के दौरान उन्हें अपने गुरु डॉ. चंद्रशेखर सुशील का मार्गदर्शन मिला, जिन्होंने उन्हें तनावमुक्त रहकर जीवन जीने और काम करने की सीख दी।

वर्ष 2011 से करौली में सेवाएं दे रहे डॉ. प्रेमराज मीणा आज क्षेत्र के लोगों के लिए एक भरोसेमंद नाम बन चुके हैं। उनकी पत्नी अनीता मीणा अध्यापिका हैं, जबकि उनकी पुत्री मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं।

डॉ. प्रेमराज मीणा की यह संघर्षपूर्ण यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो यह सिखाती है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद मेहनत और लगन से हर सपना पूरा किया जा सकता है।

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