Home accident गलवा गांव में गिरी 300 साल पुरानी नीम की विशालकाय पेड़

गलवा गांव में गिरी 300 साल पुरानी नीम की विशालकाय पेड़

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क 

रामदेव मंदिर क्षतिग्रस्त, मवेशी और ग्रामीण बाल-बाल बचे

✍️ संवाददाता : गौतम शर्मा, राजसमन्द


कहावत हुई चरितार्थ – “जाको राखे साइयां मार सके ना कोय”

राजसमन्द। गलवा गांव में कल शाम तेज बारिश के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रामदेव मंदिर के पास स्थित लगभग 300 साल पुराना विशाल नीम का पेड़ अचानक गिर गया।
पेड़ गिरते ही इलाके में अफरातफरी मच गई और जोरदार आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर दौड़े।


ग्रामीणों ने बताया घटनाक्रम

ग्रामीण धनराज सालवी और रोशन लाल सालवी ने बताया कि नीम का पेड़ अचानक बारिश के बीच धराशायी हो गया। पेड़ के दोनों ओर बड़े मकान बने हुए थे, लेकिन गनीमत रही कि पेड़ पीछे की ओर गिरा।
इससे रामदेव मंदिर और पीछे की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे हजारों रुपयों का नुकसान हुआ है।


मवेशियों की जान बची

मंदिर के पीछे बने बाड़े में दो मवेशी बंधे हुए थे। पेड़ गिरने के दौरान जोरदार आवाज से वे घबरा गए और रस्सी तोड़कर दूर भाग निकले। इसी कारण उनकी जान बच गई।


कोई जनहानि नहीं, लेकिन नुकसान बड़ा

इस हादसे में रामदेव मंदिर ढह गया और दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई।
हालांकि, सौभाग्य से कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।


ग्रामीणों की अपील

ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से अपील की है कि क्षतिग्रस्त रामदेव मंदिर के पुनर्निर्माण में सहयोग दिया जाए।


निष्कर्ष

गलवा गांव की यह घटना इस कहावत को चरितार्थ करती है कि –
“जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय।”
प्राकृतिक आपदा के बावजूद जहां मंदिर और दीवार को नुकसान पहुंचा, वहीं ग्रामीण और मवेशी सुरक्षित बच निकले।

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