लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)।
उपखंड क्षेत्र के सबसे बड़े बांधों में शामिल तथा कच्चे बांधों की श्रेणी में राज्य में दसवें स्थान पर आने वाले गलवा बांध की नहर शुक्रवार को रबी फसलों की सिंचाई के लिए विधिवत पूजा-अर्चना के साथ खोल दी गई। नहर से पानी छोड़े जाने के बाद कमांड क्षेत्र के किसानों में उत्साह और खुशी का माहौल छा गया।
जलसंसाधन विभाग के कनिष्ठ अभियंता गजानंद गुर्जर ने बताया कि 20 फीट की भराव क्षमता वाले बांध में वर्तमान में 19 फीट 10 इंच पानी भरा हुआ है। इसमें से 7 फीट पानी जलदाय विभाग, निजी क्षेत्र की कल्पतरु पावर ट्रांसमिशन कंपनी एवं जंगली जानवरों के लिए आरक्षित रखा जाएगा। शेष पानी किसानों की रबी फसल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
नहर शुक्रवार दोपहर 2 बजे खोली गई। फिलहाल 3 फीट गेज पर पानी छोड़ा जा रहा है, जिसे नहर पूरी तरह गीली होने के बाद बढ़ा दिया जाएगा।
जलवितरण समिति की बैठक में उठे महत्वपूर्ण मुद्दे
नहर खोलने से पूर्व कृषि उपज मंडी परिसर में संभागीय आयुक्त अजमेर शक्तिसिंह राठौड़ की अध्यक्षता में जलवितरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नहर सफाई, पानी आरक्षण, कल्पतरु पावर को जल आवंटन, छोटे बांधों में पानी रोकने सहित कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
किसान महापंचायत के युवा प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद चौधरी ने नहरों की सफाई को लेकर सवाल उठाए। इस पर विभागीय अधिकारियों ने बजट की कमी का हवाला दिया। चौधरी ने सुझाव दिया कि:
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कल्पतरु पावर से प्रति वर्ष मिलने वाले लगभग 40 लाख रुपए
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बांध में मछली ठेके से प्राप्त होने वाले 1 करोड़ रुपए
में से 50 प्रतिशत राशि नहरों के पक्कीकरण एवं रखरखाव में खर्च की जाए। इससे नहर सफाई की समस्या से स्थायी रूप से छुटकारा मिल सकेगा। उन्होंने मनरेगा के माध्यम से अप्रैल माह से नहर सफाई करवाने का प्रस्ताव भी रखा।

किसानों ने उठाई स्थानीय समस्याएं
गलवा बांध की मुख्य नहर के अंतिम छोर पर बसे पावांडेरा गांव के किसानों ने हर वर्ष खेतों में पानी भर जाने की समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया।
चौधरी ने नहरों पर हो रहे अतिक्रमण हटाने, छोटे बांधों में पानी आरक्षित नहीं रखने तथा कल्पतरु पावर के खिलाफ लंबित समिति के गठन में देरी जैसे मुद्दे भी उठाए।
बैठक के दौरान कई बार शोर-शराबे की स्थिति बनी, लेकिन क्षेत्रीय विधायक राजेंद्र गुर्जर के हस्तक्षेप से माहौल शांत हुआ।
पूजन के बाद नहर में प्रवाहित किया पानी
बैठक के बाद संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, विधायक तथा जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों ने बांध पर पहुंचकर मोरी पर मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया और नहर में पानी प्रवाहित किया।
इस मौके पर जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल, विधायक राजेंद्र गुर्जर, उपखंड अधिकारी पूजा मीणा, अधीक्षण अभियंता ओंकार बेरवाल, अधिशासी अभियंता निरंजन लाल मीणा, सहायक अभियंता जगदीश जाटव, कनिष्ठ अभियंता गजानंद गुर्जर, लोकेश सैनी सहित जलदाय एवं कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
नहर खुलने से अब क्षेत्र के हजारों किसानों को रबी फसल की सिंचाई में बड़ी राहत मिलेगी।