लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
बारां।
स्थानीय तालाब पाड़ा क्षेत्र के 41 वर्षीय युवक कपिल मंत्री का बीती रात हृदय गति रुकने से अचानक निधन हो गया। परिवार पर गहरे शोक के बावजूद मंत्री परिवार ने नेत्रदान का निर्णय लेकर मानवता का उज्ज्वल उदाहरण प्रस्तुत किया। यह कदम समाज में प्रेरणा का संदेश दे रहा है।
शाइन इंडिया फाउंडेशन, बारां के संयोजक एवं भारत विकास परिषद के सचिव हितेश खंडेलवाल ने बताया कि कपिल मंत्री के निधन की सूचना मिलते ही संस्था के ज्योति मित्र लोकेश पांचाल और सुलभा गुप्ता ने परिवार से संपर्क कर नेत्रदान के लिए सहमति प्राप्त की। मंत्री परिवार पूर्व में भी अपने दिवंगत परिजनों का नेत्रदान कर चुका है और उसी परंपरा को निभाते हुए इस बार भी परिवार ने सेवा संकल्प को आगे बढ़ाया।
नेत्रदान के लिए पिता गोपाल मंत्री, माता संतोष मंत्री, पत्नी जयमाला, भाई नितिन तथा पुत्र दिव्यांश और न्यांश ने सहमति दी। सूचना मिलते ही शाइन इंडिया एवं बीबीजे चैप्टर के संयोजक डॉ. कुलवंत गौड़ कोटा से बारां पहुंचे और नेत्रदान की संपूर्ण प्रक्रिया संपन्न की।
इस मानवीय कार्य में नवीन सोमानी, सत्यनारायण माहेश्वरी, गिर्राज महेश्वरी, बृजेन्द्र जोशी, रोहित गौतम सहित कई समाजसेवियों का सहयोग रहा।
डॉ. कुलवंत गौड़ ने बताया कि बारां जिले में नेत्रदान के प्रति जनजागरूकता तेजी से बढ़ी है। जिलेभर के नेत्रदानी परिवारों को सम्मानित करने के लिए शीघ्र ही एक भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा।
भारत विकास परिषद के अध्यक्ष नरेश खंडेलवाल ने बताया कि यह बारां जिले का 78वां नेत्रदान है, साथ ही परिषद द्वारा पिछले दो महीनों में हुआ आठवां नेत्रदान। परिषद निरंतर नेत्रदान और नेत्र जांच शिविर आयोजित कर रही है। अगला नेत्र जांच शिविर 7 दिसंबर (रविवार) को खंडेलवाल धर्मशाला, बारां में आयोजित होगा।
मंत्री परिवार द्वारा लिया गया यह निर्णय सेवा, संवेदना और संस्कारों की अद्भुत मिसाल है, जो समाज में अनेक लोगों को प्रेरित करेगा।