लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जोधपुर से संवाददाता – ब्रजकिशोर पारीक
मुंबई । दिल्ली ब्लास्ट के 13 दिन बाद बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान का बयान सामने आया है। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने न सिर्फ इस हमले पर दुख व्यक्त किया बल्कि कुछ पंक्तियां ऐसी सुनाईं कि लोग भावुक हो उठे।
ग्लोबल पीस ऑनर्स 2025 में दिया भावनात्मक भाषण
मुंबई में आयोजित ग्लोबल पीस ऑनर्स 2025 कार्यक्रम में शाहरुख खान ने दिल्ली ब्लास्ट, 26/11 मुंबई अटैक और पहलगाम आतंकी हमले का ज़िक्र करते हुए शहीदों और पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी।
शाहरुख ने कहा—
“26/11, पहलगाम और हाल ही में दिल्ली ब्लास्ट में अपने प्राणों की आहुति देने वाले बेगुनाह लोगों को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि… और इन हमलों में शहादत पाने वाले हमारे वीर सुरक्षा कर्मियों को मेरा सादर नमन।”
4 पंक्तियाँ हुईं वायरल
इसके बाद शाहरुख खान ने देश के जवानों को समर्पित चार पंक्तियाँ सुनाईं, जो सोशल मीडिया पर लोगों को बेहद भावुक कर रही हैं—
“जब कोई पूछे तुमसे कि क्या करते हो?
तो सीना ठोककर कहना — मैं देश की रक्षा करता हूं।
पूछे अगर कोई कि कितना कमा लेते हो?
हल्के से मुस्कुराकर कहना — 140 करोड़ लोगों की दुआएं कमा लेता हूं।
और अगर फिर पूछे कि कभी डर नहीं लगता?
तो आँख में आँख डालकर कहना — जो हम पर हमला करते हैं उन्हें लगता है।”
इन पंक्तियों पर कार्यक्रम में मौजूद लोग खड़े होकर तालियाँ बजाने लगे।
शहीद परिवारों को किया सलाम
शाहरुख खान ने कहा—
“मैं पूरे देश की ओर से शहीदों के परिवारों को सलाम करता हूं… उन माताओं को प्रणाम जिनकी कोख ने ऐसे वीर जन्म दिए… उनके पिता, उनके साथियों और परिवारों को भी मेरा नमन, क्योंकि लड़ाई सिर्फ मोर्चे पर खड़े सैनिक नहीं लड़ते, उनका परिवार भी लड़ता है।”
‘शांति ही सही मायनों में क्रांति है’
शाहरुख ने अपने भाषण में शांति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा—
“भारत को कभी कोई झुका नहीं पाया… जब तक इस देश के ‘सुपरहीरोज’ हमारी रक्षा कर रहे हैं, तब तक हमारे मुल्क से अमन छीनना नामुमकिन है।”
उन्होंने आगे कहा—
“शांति ही असली क्रांति है… शांति से ही विचार, प्रेम और इंसानियत जन्म लेते हैं… आइए जाति-पांत से ऊपर उठकर एक-दूसरे के लिए खड़े हों, ताकि हमारे वीरों की शहादत व्यर्थ न जाए।”
शाहरुख खान का यह भाषण सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है और लोग उनकी बातों की सराहना कर रहे हैं।