ढाई दिन के झोपड़े को संस्कृत पाठशाला घोषित किया जाए – नीरज जैन

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अजमेर । (नितिन मेहरा) ख्वाजा साहब की दरगाह में शिव मंदिर होने का दवा करने  और जांच की मांग के बाद अब अजमेर के प्रसिद्ध ढाई दिन के झोपड़े को संस्कृत  विद्यालय बताकर इसकी जांच की मांग की है। अजमेर के डिप्टी मेयर नीरज जैन ने अजमेर में ढाई दिन की झोपड़ी को संस्कृत पाठशाला होने का दावा किया है । उन्होंने कहा कि दरगाह के पास स्थित ढाई दिन का झोपड़ा संस्कृत महाविद्यालय हुआ करता था, जिसको तोड़कर ढाई दिन का झोपड़ा बनाया गया है । यह इतिहास के पन्नों में भी अंकित है।

जैन ने कहा कि पूर्व में भी जैन संत ने वहां पर विहार किया था और वहां पर जाकर देखा था तो जैन और हिंदू मंदिरों की मूर्तियां और स्वास्तिक जैसे चिन्ह देखे थे और उसे समय भी सरकार से ढाई दिन के झोपड़े को संस्कृत महाविद्यालय के स्वरूप में लौटने की मांग रखी थी।  वहीं नीरज जैन ने कहा कि हमने पूर्व में भी केंद्र सरकार से मांग की थी और अब भी कर रहे है कि तथाकथित ढाई दिन के झोपड़े को संस्कृत महाविद्यालय घोषित किया जाए।  क्योंकि यह स्थान पुरातत्व विभाग के पास है, पुरातत्व विभाग वहां पर जो अनैतिक गतिविधियों हो रही है ,उसको तुरंत प्रभाव से बंद करवाये,। वहां रखी मूर्तियां का संग्रहालय बना कर वहां वापिस स्थापित की जाए। जिससे हमारी पीढ़ियाँ अपने भारत के गौरवशाली इतिहास और शिक्षा के केंद्रों के बारे में जान सके । अजमेर के उपमहापौर नीरज जैन के इस बयान और मांग के बाद प्रदेश की सियासत और गर्मा सकती है। हाल ही में ख्वाजा साहब की दरगाह में प्राचीन शिव मंदिर होने का दावा किया गया था, जिस पर कोर्ट ने जांच के बादमंजूरी दे दी है। इसके बाद से पूरे देश में बहस चढ़ी हुई है इसी बीच नीरज जैन के ढाई दिन के झोपड़े को लेकर संस्कृत विद्यालय होने का दावा करने से यह विवाद और बढ़ सकता है और आने वाले समय में इस तरह की और कई बातें सामने आ सकती है हालांकि ढाई दिन की झोपड़ी को लेकर यह यहां पहले संस्कृत विद्यालय चलता था जिसे तोड़कर ही ढाई दिन का झोपड़ा बनाया गया।

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