Home agriculture देश में सबसे ज्यादा दुःखी किसान – रामकिशन

देश में सबसे ज्यादा दुःखी किसान – रामकिशन

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भैंसीना में हुई किसानों की सभा, बाणगंगा नदी में पानी लाये सरकार

– हलैना की सभा के लिया किया आहवान

लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

भरतपुर से राजेंद्र शर्मा की रिपोर्ट

भुसावर  । समाजवादी विचारक और पूर्व सांसद पंड़ित रामकिशन ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा दुःखी किसान वर्ग है और किसानों का कर्जा माफ होना चाहिये तथा अमीर लोगों पर टैक्स लगातार उस पैसे को खेती और सिंचाई के साथ साथ शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च करना चाहिये ।
पूर्व सांसद पंड़ित रामकिशन रविवार को ग्राम भैसीना में आयोजित किसान सम्मेलन में बतौर मुख्यअतिथि बोल रहे थे । उन्होंने कहा कि देश में 88% किसान छोटी जोत बाले है जब किसान को सस्ता पानी मिलेगा तो उसकी आमदनी बढ़ेगी और बिजली का खर्चा कम हो जायेगा । उन्होंने कहा कि देश में गरीब और अमीर का फर्क बढ़ता जा रहा है तथा गलत नीतियों के ही कारण आज भारत में चीन और अमेरिका से ज्यादा अरबपति हो गये है जिनके साथ ज्यादा सम्पति और अधिक आमदनी होने की वजह से देश में आर्थिक गैर बराबरी बढ़ती ही जा रही हैं तथा आम उपभोक्ता की क्रय शक्ति कम होती जा रही है ।
उन्होंने कहा कि नरेगा के कार्य दिवस को बढ़ाकर सरकार को 200 दिन कार्य दिवस की गारन्टी देनी चाहिये । उन्होंने कहा कि सरकार जहाँ एक तरफ 28 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर करने की बात कह रही है जबकि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज दे रही है अब सबाल उठता है कि जब देश में गरीबी कम हुई है तो दूसरी और आयकर दाताओं की संख्या भी तो बढ़नी चाहिये । उन्होंने कहा कि देश की कुल आवादी में से महज एक प्रतिशत लोग ही टैक्स दे रहे है , कर्जाभार और विकास की जरूरत को देखते हुऐ टैक्स के दायरे को और धनाढ़य लोगों पर बढ़ाना चाहिये ताकी उस टैक्स के पैसे से पानी ‘ शिक्षा और स्वास्थ्य की और बेहतरीन व्यवस्था हो सके ।
उन्होंने कहा कि आजादी से अब तक देश में 70 हजार किसानों ने आत्महत्याऐं की है लेकिन पिछले तीन दशकों में 40 हजार किसानों ने आत्म हत्याऐं की है । किसान आन्दोलन में विगत वर्षों में करीब 700 किसानों की मौते हुई है । उन्होंने कहा की उपभोक्ताओं को सस्ता खाद्यान मिले , मंहगाई कम रहे इस नाम पर सरकारों ने पूरा वजन डाल दिया किसानों पर जिसकी बजह से किसान कर्जदार होता चला गया ।

सभा मे किसान नेता इन्दल सिंह जाट ने कहा कि जब तक किसानों को उनके उत्पादों का बाजार में लाभकारी मूल्य की गारन्टी का कानून नहीं बनता तब तक किसानों की हालत नहीं बदल सकती । उन्होंने कहा कि खाद , बीज ‘ कीटनाशक , टेक्ट्रर ‘ डीजल ‘ बिजली आदी के दाम कई गुने अधिक बढ़ गये जिसकी बजह से खेती की लागत बढ़ी और किसान कर्जदार होता चला गया ।
किसान नेता इन्दल सिंह ने कहा कि अपने हकों के लिये किसानों को एकजुट होकर संघर्ष करना चाहिये क्योंकि सभी सरकारों ने किसान की उपेक्षा की है । किसान नेता इन्दल सिंह जाट ने किसानों को आह्वान किया कि किसान हित में 12 जनवरी को हलैना में होने वाले किसान सम्मेलन में सभी किसान और नौजवानों को हिस्सा लेना चाहिये जिसमे पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मालिक भाग लेगे ।
सभा में भरतपुर नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष इन्द्रजीत भारद्धाज ( भूरा ) प्रवीण विजवारी ‘ भाकियू चढ़ूनी के संभाग अध्यक्ष निभर्य सिंह बड़ेसरा ‘ श्री राम चन्देला ‘ ने सरकार से इआरसीपी के समझौते को सार्वजनिक करने की माँग रखी । जबकि पूर्व सरपंच हुक्म सिंह झारौटी ‘ सरपंच बिजेन्द्र सिंह बबेखर ‘ ठा० तेज सिंह पथैना ‘ शिशुपाल पथैना ‘ पूर्व सरपंच केशव देव शर्मा ‘ ने भी अपने विचार प्रकट किये ।
पानी और रोजगार के मुद्दों को लेकर आयोजित हुई इस किसान सभा में मौजूद किसानों ने एकजुट होकर सरकार से जहाँ सिंचाई पानी के लिये बाणगंगा नदी को गम्भीर से जोड़ने तथा पाँचना बाँध के पानी का बँटबारा करने सहित इआरसीपी – पीकेसी के प्रथम चरण में ही भरतपुर और डीग जिलों को सिंचाई के पानी का इंतजाम करने की माँग की गई । किसानों नें वैर के सीता बाँध को भी विकसित करके बन्ध बारैठा पाइप लाइन स्कीम से जोड़ने की माँग रखी तथा रोजगार के लिये प्रदूषणा रहित उद्योग धन्धे लगाने की माँग की । कार्यक्रम में घनश्याम गाजीपुर , रमेश इन्दोलिया गाजीपुर , रामचरन गुर्जर भैसीना ‘ दरब मीणा पूर्व सरपंच ‘ रमेश चन्द पूर्व सरपंच ‘ रामचरन मीणा ‘ बच्चू सिंह ‘ मूल चन्द पीटीआई ‘ हरीराम मीणा ‘ जीवन पंडित ‘ मुकेश चौधरी ‘ दिनेश सेठ ने भी हिस्सा लिया । सभा में सभी किसानों ने पानी आन्दोंलन के लिये पूर्व सांसद पंड़ित रामकिशन और इन्दल सिंह जाट सहित सभी नेताओं का जोरदार अभिनंदन किया गया ।
सभा की अध्यक्षता रामचरन मीणा ने की जबकि मंच का संचालन शिशुपाल सिंह पथैना ने किया । आभार रामचरन फौजी ने प्रकट किया ।

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