लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जल्द कोलकाता–गुवाहाटी रूट पर होगी शुरू
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने लंबी दूरी की रेल यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ते हुए देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पेश किया। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन जल्द ही कोलकाता–गुवाहाटी (हावड़ा–गुवाहाटी) मार्ग पर व्यावसायिक परिचालन शुरू करेगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में ट्रेन का निरीक्षण किया और बताया कि यह ट्रेन रात के सफर को अधिक आरामदायक, सुरक्षित और तेज़ बनाएगी। उन्होंने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।
कोलकाता–गुवाहाटी होगा पहला रूट
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कोलकाता (हावड़ा) से गुवाहाटी के बीच चलाई जाएगी। यह ट्रेन पूर्वोत्तर भारत को देश के अन्य हिस्सों से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इस सेवा का उद्घाटन जनवरी 2026 के मध्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की संभावना है।
यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएँ
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 वातानुकूलित कोच होंगे, जिनमें लगभग 800 से अधिक यात्रियों के सफर की क्षमता होगी। ट्रेन में शामिल हैं—
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AC 3-टियर, AC 2-टियर और फर्स्ट क्लास AC कोच
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आरामदायक और चौड़ी बर्थ
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आधुनिक व स्वच्छ वॉशरूम
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व्यक्तिगत रीडिंग लाइट और चार्जिंग पॉइंट
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ऑटोमैटिक दरवाज़े और उन्नत ब्रेकिंग सिस्टम
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‘कवच’ जैसी आधुनिक सुरक्षा प्रणाली
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दृष्टिहीन यात्रियों के लिए ब्रेल संकेत
किराया और यात्रा अनुभव
रेलवे के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया मौजूदा प्रीमियम ट्रेनों के अनुरूप रखा जाएगा, जिसमें यात्रियों को बेहतर सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण भोजन भी उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह ट्रेन कम समय में लंबी दूरी तय करेगी, जिससे यात्रियों का समय और थकान दोनों बचेंगे।
अगले 6 महीनों में 8 और स्लीपर ट्रेनें
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि अगले छह महीनों में देशभर में 8 और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू की जाएंगी। वहीं, दिसंबर 2026 तक कुल 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें पटरियों पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है। इन ट्रेनों को उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम भारत के प्रमुख लंबी दूरी वाले रूट्स पर चलाया जाएगा।
रेल यात्रा में नया बदलाव
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के शुरू होने से भारतीय रेलवे को न सिर्फ तकनीकी मजबूती मिलेगी, बल्कि यात्रियों को विश्व-स्तरीय रेल यात्रा का अनुभव भी मिलेगा। माना जा रहा है कि यह सेवा भविष्य में राजधानी, दूरंतो और अन्य प्रीमियम ट्रेनों का एक आधुनिक विकल्प बनकर उभरेगी।