लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
संत नामदेव महाराज की 755वीं जयंती पर हुआ भव्य स्वागत, दर्जी समाज की अगुवाई में निकली शोभायात्रा
पादूकलां। महाराष्ट्र के पवित्र तीर्थ पंढरपुर से पंजाब के श्री क्षेत्र घुमान के लिए रवाना हुई देश की पहली आध्यात्मिक साइकिल–रथ यात्रा सोमवार को जब पादूकलां पहुँची, तो कस्बा भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर हो उठा। संत नामदेव महाराज की 755वीं जयंती के अवसर पर दर्जी (नामदेव) समाज सहित ग्रामीणों ने यात्रा का ऐतिहासिक और भव्य स्वागत किया।
गायत्री चौराया से हुआ प्रवेश, महिलाओं के मंगल गीतों ने रचा आध्यात्मिक माहौल
यात्रा जैसे ही गायत्री चौराया से कस्बे में प्रविष्ट हुई, महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत गाकर स्वागत किया। रथ में विराजित संत नामदेव महाराज की पावन चरण पादुकाओं के दर्शन करने श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ उमड़ पड़ी।
यात्रा मुख्य बाजार, तिबारी वाले बालाजी मंदिर, चारभुजा मंदिर से होते हुए श्री बस्सी की ढाणी स्थित श्याम मंदिर पहुँची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने बैंड-बाजों, पारंपरिक ध्वनियों और पुष्प वर्षा से यात्रा का स्वागत किया। श्याम मंदिर पहुँचने पर पावन चरण पादुकाओं का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया।
2 नवंबर को हुई थी यात्रा की शुरुआत – 8 राज्यों में 5000 किमी का महायात्रा मार्ग
भागवत धर्म प्रचारक सूर्यकांत भिसे ने बताया कि यह आध्यात्मिक यात्रा 2 नवंबर को पंढरपुर से प्रारंभ हुई थी। लगभग 111 साइकिल यात्री और भजन मंडली के सदस्य इसमें शामिल हैं, जो संत नामदेव महाराज के संदेश — मानवता, समानता, भक्ति और भाईचारे — का प्रचार कर रहे हैं।
यात्रा 8 राज्यों से होकर लगभग 5000 किलोमीटर का सफर तय करेगी और 3 दिसंबर को श्री क्षेत्र घुमान पहुँचेगी। यह यात्रा वर्ष 2022 से निरंतर की जा रही है और इस वर्ष इसका चौथा आयोजन है।
शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब
दर्जी समाज की अगुवाई में निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएँ, बच्चे, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। महिलाओं द्वारा लगातार गाये जा रहे मंगल गीतों से माहौल आध्यात्मिक स्पंदन से भर उठा।
कस्बे की ओर से साइकिल यात्रियों और भजन मंडली के लिए भोजन–अल्पाहार की व्यवस्था की गई। यात्रियों का दुपट्टा ओढ़ाकर और पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। 
समाज के सभी वर्गों ने किया स्वागत
स्वागत एवं आयोजन में बस्ती राम टेलर, नोरतमल, ओमप्रकाश, नेमीचंद, रामदेव, रामस्वरूप, रामेश्वरलाल, नरसीराम, राजेंद्र कुमार, विष्णु कुमार, महावीर कुमार, कचरूलाल, लक्ष्मीनारायण, मुकेश कुमार, घनश्याम परिहार, पवन, सुनील कुमार, प्रदीप कुमार, राकेश कुमार, आनंद कुमार, रवि कुमार, प्रिंस कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
श्याम मंदिर के पुजारी पुखराज शास्त्री, श्याम सुंदर दाघिच, सचिव कैलाशचंद सोनी तथा गौशाला के पूर्व अध्यक्ष पवन कुमार सांड एवं अन्य गणमान्य लोगों ने भी यात्रा का स्वागत कर आयोजन को सफल बनाया।
पादूकलां में यह आगमन किसी महान धार्मिक पर्व जैसा प्रतीत हुआ, जिसने पूरे कस्बे को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।



















































