दशलक्षण महापर्व पर दश धर्मों की आराधना, श्रद्धा से हुए धार्मिक आयोजन

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क


रिपोर्टर: दुर्योधन मयंक

उनियारा क्षेत्र के श्री दिगम्बर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र सुथड़ा में दिगंबर जैन परंपरा के पावन दशलक्षण महापर्व के अवसर पर उत्तम क्षमा सहित दस धर्मों की श्रद्धापूर्वक आराधना की जा रही है।

प्रबंध समिति अध्यक्ष महावीर प्रसाद पराणा एवं मनोज जैन ने बताया कि इस अवसर पर पार्श्वनाथ महिला मंडल द्वारा भक्तामर दीपार्चना का आयोजन किया गया।

चैत्र मास में मनाया जाने वाला यह 10 दिवसीय पर्व आत्मशुद्धि और संयम का प्रतीक है, जो चैत्र शुक्ल पंचमी से चतुर्दशी तक मनाया जाता है। इस दौरान उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य जैसे दस धर्मों के माध्यम से आत्मा के शुद्ध गुणों की आराधना की जाती है।

कार्यक्रम की शुरुआत शास्त्री प्रिंस जैन देवांश के निर्देशन में मंगलाष्टक, नित्य अभिषेक एवं शांतिधारा से हुई। मूलनायक शांतिधारा महेश कुमार एवं मनीष कुमार (जयपुर) द्वारा की गई, वहीं वार्षिक शांतिधारा रमेशचंद एवं रौनक सर्राफ द्वारा संपन्न हुई। पाण्डुकशिला शांतिधारा नवीन कुमार (गाजियाबाद/इंदौर) द्वारा की गई।

इसके पश्चात देव-शास्त्र पूजा, चौबीस भगवान की मूलनायक पूजा एवं सोलहकारण भावना के साथ दशलक्षण महापर्व का आयोजन किया गया।

भक्तामर संयोजक हुक्मचंद एवं चेतन जैन ने बताया कि सायं 7 बजे भक्तामर दीपार्चना का आयोजन किया गया, जिसमें श्रेष्ठी परिवारों एवं विभिन्न मंडलों द्वारा श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लिया गया।

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