लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गुरला / बागोर | सत्यनारायण सेन
गुरला / बागोर | सहाडा तहसील क्षेत्र के गांव चीड़ खेड़ा में अवैध कोयला भट्टियों को लेकर एक चौंकाने वाला नजारा देखने को मिला। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की बढ़ती निगरानी तथा संभावित कार्रवाई के डर से भट्टियों के मालिक अब इन्हें अपने ही खर्च पर हटाने लगे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह कदम अचानक और अनौपचारिक तरीके से उठाया गया। प्रशासन के हस्तक्षेप से पहले ही मालिकों ने अपनी सुरक्षा और कानूनी जोखिम को देखते हुए यह निर्णय लिया। इस घटना ने गांव में चर्चा का विषय बना दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई वर्षों से ये अवैध कोयला भट्टियां संचालित हो रही थीं, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। अब मालिकों द्वारा इन्हें हटाने से गांव में राहत की भावना है।
हालांकि पुलिस और प्रशासन ने इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर सख्त निगरानी जारी रहेगी। यह घटना यह संदेश देती है कि अवैध गतिविधियों पर निगरानी और दबाव से प्रभावी परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

















































