लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राजस्थान विधानसभा में नवाचारों पर हुई चर्चा
नितिन मेहरा वरिष्ठ संवाददाता, (राजस्थान)
अजमेर/चंडीगढ़। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अपने चंडीगढ़ दौरे के दौरान पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात पंजाब के ‘लोक भवन’ में हुई, जहां विधानसभा अध्यक्ष ने राज्यपाल का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया तथा राजस्थान विधानसभा की ओर से स्मृति चिन्ह भी प्रदान किया।
विधानसभा में नवाचारों पर विस्तार से चर्चा
बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने राजस्थान विधानसभा में किए जा रहे नवाचारों और सुधारों की जानकारी राज्यपाल को दी। उन्होंने बताया कि लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों को रेखांकित करने के उद्देश्य से विधानसभा के प्रमुख द्वारों का नामकरण नए रूप में किया गया है।
उन्होंने बताया कि मुख्य द्वारों के नाम कर्तव्य द्वार, शक्ति द्वार, सुशासन द्वार, संकल्प द्वार और शौर्य द्वार रखे गए हैं, जो लोकतंत्र की मूल भावना और जनसेवा की भावना को दर्शाते हैं।
इसी तरह राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने के लिए बाहरी द्वारों का नाम विभिन्न अंचलों के आधार पर रखा गया है, जिनमें बृज, शेखावाटी, वागड़, हाड़ौती, मारवाड़, मेवाड़, मेरवाड़ा और ढूंढाड़ शामिल हैं।
राज्यपाल ने की पहल की सराहना
राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे नवाचार लोकतांत्रिक संस्थाओं को जनता की भावनाओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। उन्होंने इसे एक प्रेरणादायक कदम बताया।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच जनसेवा, लोकतांत्रिक परंपराओं और समसामयिक मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए इसे सकारात्मक प्रशासनिक सोच का उदाहरण बताया।

















































