लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
6 महीने से वेतन नहीं मिलने पर जिला कलेक्टर व महाप्रबंधक को सौंपा ज्ञापन
भ्रष्टाचार, EPF-ESI घोटाले और श्रम कानूनों के उल्लंघन के गंभीर आरोप
झालावाड़ | भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) झालावाड़ में कार्यरत ठेका कर्मचारियों का सब्र अब जवाब दे गया है। पिछले छह महीनों से वेतन नहीं मिलने और श्रम कानूनों के खुले उल्लंघन को लेकर बड़ी संख्या में सुरक्षा गार्ड एवं आउटसोर्सिंग कर्मियों ने जिला कलेक्टर और BSNL के महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा व्यक्त की।
जुलाई 2025 से नहीं मिला वेतन, परिवार चलाना हुआ मुश्किल
कर्मचारियों ने बताया कि JLW/PNG क्रिएटिव पावर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी के अधीन कार्यरत सुरक्षा गार्डों को जुलाई 2025 से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। आरोप है कि उन्हें पहले भी मात्र 5000 रुपये प्रतिमाह दिए जाते थे, वह भी अनियमित रूप से।
वेतन न मिलने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। कई कर्मचारियों ने बताया कि घर का खर्च चलाना, किराने का उधार चुकाना और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है।
भ्रष्टाचार और मिलीभगत के गंभीर आरोप
ज्ञापन में कर्मचारियों ने विभाग व ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं—
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फर्जीवाड़ा: बीटीएस टावर आउटसोर्सिंग, सुरक्षा गार्ड और सफाई कर्मचारियों के ठेके कथित तौर पर फर्जी तरीके से संचालित किए जा रहे हैं।
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EPF-ESI घोटाला: वर्ष 2023 से कर्मचारियों का EPF और ESI जमा नहीं कराया जा रहा है।
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श्रम कानूनों की अनदेखी: कर्मचारियों को न तो अधिकृत आईडी कार्ड दिए गए हैं और न ही नियमानुसार वेतन भुगतान किया जा रहा है।
ठेकेदार के गैर-जिम्मेदाराना रवैये का आरोप
कर्मचारियों का आरोप है कि जब उन्होंने ठेकेदार लवकुश मौर्य से फोन पर संपर्क किया, तो उसने उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया और कहा—
“मैंने तुम्हें काम पर नहीं लगाया है।”
अधिकारियों पर ज्ञापन लेने से इनकार का आरोप
कर्मचारियों ने बताया कि 2 जनवरी को जब वे BSNL सहायक महाप्रबंधक कार्यालय में ज्ञापन देने पहुंचे, तो वहां मौजूद कर्मचारी एन.के. गालव ने कथित तौर पर जानबूझकर ज्ञापन लेने से मना कर दिया, जिससे कर्मचारियों में और अधिक रोष फैल गया।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
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छह महीने का बकाया वेतन तत्काल दिलाया जाए।
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सभी ठेका कर्मियों को कंपनी के अधिकृत आईडी कार्ड जारी किए जाएं।
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EPF एवं ESI का पूरा विवरण सार्वजनिक कर बिल पास किए जाएं।
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दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
इस दौरान रोशन सिंह, सीताराम, हेमराज, महेंद्र, सुरेश, लोकेश, दरवार सिंह सहित दर्जनों ठेका कर्मचारी उपस्थित रहे।













































