लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पूर्व विधायक ने शिक्षा विभाग के ACS को लिखा पत्र, सिरोही में तबादलों से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की जताई आशंका
सिरोही | तुषार पुरोहित
सिरोही जिले में शिक्षकों के तबादलों को लेकर पूर्व विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा ने शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) राजेश यादव को पत्र लिखकर बिना रिप्लेसमेंट शिक्षकों को कार्यमुक्त नहीं करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसा करना मुख्य सचिव के वर्ष 2019 के आदेश के विपरीत है और इससे जिले की शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
अपने पत्र में लोढ़ा ने 11 अक्टूबर 2019 को जारी मुख्य सचिव के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि आकांक्षी जिलों से किसी भी कर्मचारी को प्रतिस्थापन (रिप्लेसमेंट) के बिना कार्यमुक्त नहीं किया जा सकता। यह आदेश राजस्थान हाईकोर्ट में दायर उनकी जनहित याचिका पर दिए गए निर्देशों की पालना में जारी किया गया था।
लोढ़ा ने आरोप लगाया कि हाल ही में जारी तबादला सूची में सिरोही जिले से बड़ी संख्या में शिक्षकों का स्थानांतरण कर दिया गया, जबकि उनके स्थान पर पर्याप्त संख्या में नए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई। उनके अनुसार 8 जुलाई 2026 तक जारी तबादला सूची में पिछले दस दिनों के दौरान जिले से 73 शिक्षकों का तबादला किया गया, जबकि केवल 23 शिक्षकों की नियुक्ति हुई, जिससे जिले में शिक्षकों की संख्या 50 कम हो गई है।
उन्होंने कहा कि सिरोही जिले के कई प्राथमिक विद्यालय पहले से ही एकल शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जबकि करीब 20 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऐसे हैं जहां केवल तीन से चार शिक्षक ही कार्यरत हैं। ऐसे में बिना रिप्लेसमेंट शिक्षकों को कार्यमुक्त करने से विद्यार्थियों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित होगी।
संयम लोढ़ा ने अतिरिक्त मुख्य सचिव से मांग की है कि जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि जब तक संबंधित शिक्षकों के स्थान पर नए शिक्षक नियुक्त नहीं किए जाते, तब तक किसी भी शिक्षक या अन्य कार्मिक को कार्यमुक्त नहीं किया जाए। उनका कहना है कि यह केवल प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला है।
