लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर। ए.सी.बी. मुख्यालय के निर्देश पर ए.सी.बी. चौकी भीलवाडा-प्रथम द्वारा आज कार्यवाही करते हुये मुकेश बैरवा, पुत्र सुन्दरलाल बैरवा उम्र 37 साल निवासी डुग्गा सिकराय, तहसील सिकराय, पुलिस थाना मानपुर जिला दौसा हाल सहायक अभियन्ता, अ.वि.वि.एन.एल बनेडा जिला भीलवाडा व विनोद कुमार पुत्र पोखरमल जाति रेगर उम्र 28 साल निवासी गाटवा तहसील नावा जिला डीडवाणा हाल वाणिज्यक सहायक प्रथम, कार्यालय सहायक अभियन्ता, अ.वि.वि.एन.एल बनेडा, जिला-भीलवाडा को परिवादी उदयलाल द्वारा एम.आई.पी. विधुत कनेक्शन हेतु प्रस्तुत पत्रावली पर अग्रिम कार्यवाही कर डिमांड नोटिस हेतु भिजवाकर ऊपर सभी अधिकारियो से क्लीयर करवाने कि एवज में 1.00 लाख रूपये रिश्वत की मांगकर परेशान किया जा रहा था जिसमे 20,000 रूपये अपने कार्यालय में ही पूर्व में ही ग्रहण कर लिए तथा 30,000 रूपये रिश्वत राशि दो दिवस पश्चात परिवादी उदयलाल से लेने पर सहमती हुई । मांग सत्यापन वार्ता के अनुसरण में आज परिवादी उदयलाल से सहायक अभियन्ता मुकेश बैरवा ने रिश्वत राशि 30,000 रूपये अपने कार्यालय कार्मिक विनोद कुमार को देने के लिए भिजवाये। विनोद कुमार द्वारा रिश्वत राशि गिनकर अपने पास रखी जिस पर 30,000 रुपये रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि ए.सी.बी. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भीलवाडा-प्रथम को एक शिकायत इस आशय की मिली कि परिवादी उदयलाल के ऑयल मिल्स हेतु एम.आई.पी विद्युत कनेक्शन हेतु डिमांड नोटिस जारी करने एवं पत्रावली उच्च अधिकारियों तक भिजवाने की एवंज में 1.00 लाख रूपये की रिश्वत राशि की मांगकर परेशान किया जा रहा था।
जिस पर एसीबी अजमेर रेंज के उप महानिरीक्षक कालुराम रावत के सुपरवीजन में ए.सी.बी. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भीलवाडा-प्रथम के नेतृत्व में आज दिनांक 13.02.2025 को पारसमल, उप अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भीलवाडा-प्रथम ने ट्रेप कार्यवाही करते हुए आरोपी मुकेश बैरवा, सहायक अभियन्ता, अ.वि.वि.एन.एल बनेडा जिला भीलवाडा व विनोद कुमार वाणिज्यक सहायक प्रथम, कार्यालय सहायक अभियन्ता, अ.वि.वि.एन.एल. बनेडा जिला भीलवाडा को 30,000 रूपये की रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरवीजन में आरोपियों से पूछताछ तथा कार्यवाही जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्जकर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।


















































