लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
विनोद सेन, भीलवाड़ा।
भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल ने नियम 377 के तहत लोकसभा में भीलवाड़ा में सी.जी.एच.एस. (केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य सेवा) वैलनेस सेंटर खोलने और प्राइवेट अस्पतालों को सी.जी.एच.एस. से अनुबंधित करने की मांग रखी।
कर्मचारियों व पेंशनरों को हो रही परेशानियाँ
सांसद प्रवक्ता विनोद झुरानी ने बताया कि भीलवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में केंद्र सरकार के 30 से अधिक विभाग कार्यरत हैं। बावजूद इसके यहां न तो कोई सी.जी.एच.एस. वेलनेस सेंटर है और न ही कोई अनुबंधित प्राइवेट अस्पताल।
इसी कारण लाभार्थियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मजबूरन दिल्ली (560 किमी), अहमदाबाद (415 किमी) या जयपुर (250 किमी) जाना पड़ता है। आपातकाल की स्थिति में इतना लंबा सफर मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ता है
गैर-अनुबंधित अस्पतालों में इलाज कराने पर मरीजों को भारी खर्च करना पड़ता है। बाद में सी.जी.एच.एस. केवल तयशुदा रेट के आधार पर ही भुगतान करता है, जो वास्तविक खर्च से काफी कम होता है। इससे कर्मचारियों और पेंशनरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
पहले भी उठाई गई थी मांग
पिछले जून माह में सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जनसुनवाई में सांसद अग्रवाल को इस समस्या से अवगत कराया था। इसके बाद सांसद ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को पत्र लिखकर भीलवाड़ा में जल्द से जल्द सी.जी.एच.एस. वैलनेस सेंटर खोलने और प्राइवेट अस्पतालों को अनुबंधित करने की मांग की थी।
सांसद की मांग
सांसद अग्रवाल ने कहा कि:
“भीलवाड़ा में सी.जी.एच.एस. वेलनेस सेंटर की स्थापना और प्राइवेट अस्पतालों को सी.जी.एच.एस. से अनुबंधित करना अब समय की आवश्यकता है। इससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों को गुणवत्तापूर्ण और समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हो पाएंगी।”

















































