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भाई- बहिन एक चिता में ,अन्य 4 बच्चों का गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

मनोहर थाना ब्यूरो चीफ– राजकुमार शर्मा

वसुंधरा राजे की गोद में सिर रखकर फूट- फूटकर रोई पीड़ित मां

झालावाड़: जिले के मनोहरथाना उपखंड के पीपलोदी गांव में स्कूल हादसे का शिकार हुए 7 बच्चों में से 6 बच्चों की अंतिम संस्कार पिपलोदी गांव में गमगीन गांव में किया गया।  जबकि एक बच्चे को पास के गांव चांदपुरा भीलान ले जाया गया ।  शनिवार सुबह 5 बजे सभी मृतक बच्चों के परिजनों को बच्चों के शव मनोहर थाना अस्पताल से एसपी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सौंपे गए, जिन्हें अलग-अलग गाड़ियों से घरों तक भिजवाया गया। 

गांव में मचा कोहराम

जैसे ही शव गांव पहुंचे तो पूरे गांव में कोहराम मच गया । शवों के गांव पहुंचने से पहले ही अर्थियां बनाना शुरू कर दी गई थी जिससे ज्यादा चीत्कार नहीं मचे।  गांव के बुजूर्गो ने शवों को गांव में पहुंचने के साथ ही जल्दी-जल्दी सभी मृतक बच्चों की अर्थियां सजाई सनातन धर्म के अनुसार धार्मिक प्रक्रिया पुरी की। सभी शवों को भारी पुलिस बल के साथ दुर्घटना स्थल के समीप बने हुए शमशान घाट तक लाया गया।  हादसे का शिकार हुए दो सगे भाई बहन कान्हा और मीना को एक ही आर्थी पर शमशान घाट तक ले जाया गया।  शमशान में सभी लोगों की अंतिम क्रिया एक साथ की गई तथा पांच चिताओं पर छह बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया।

गांव में कल से नहीं जला चूल्हा
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के किसी भी घर में कल से ही चूल्हा नहीं जला है और पूरे गांव में तनावपूर्ण मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है. गांव के लोगों में हादसे के बाद बहुत गुस्सा है।  हादसे में एक परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया है, तो वहीं एक परिवार की दोनों संतान मौत के मुंह में समा गई हैं जिन बच्चों की मौत हुई है, उनमें से अधिकांश की उम्र 7 से 10 साल के बीच है और पारिवारिक स्थितियां बेहद खराब हैं।  अधिकांश बच्चों के माता-पिता मेहनत मजदूरी करके अपना परिवार चलते हैं। जिनके बच्चे काल के ग्रास बने वे सभी गरीब और मजदूरी करके अपना समय व्यतीत करते हैं। लेकिन इतने बड़े हादसे के बावजूद अभी तक सरकार ने किसी भी तरह की आर्थिक मदद नहीं की।

पूर्व सीएम वसुंधरा राजे हुई भावूक

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जब गांव पहुंची तो मृतक बच्चों की मां राजे से लिपट कर रोने लगी। राजे भी इस दौरान उन्हें संभल बंधाते- बंधाते भावुक हो गई।

 

 

 

 

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