Home latest भाषा एवं संस्कृति ही समाज की पहचान है: महामंडलेश्वर हंसराम उदासीन

भाषा एवं संस्कृति ही समाज की पहचान है: महामंडलेश्वर हंसराम उदासीन

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लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क

-सिन्धु सभा के 15 दिवसीय बाल संस्कार शिविरों का सामुहिक समापन समारोह संपन्न

विनोद सेन
भीलवाड़ा। हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के महामण्डलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने कहा कि भाषा एवं संस्कृति ही समाज की पहचान है, संस्कारित बच्चे, देश का भविष्य है। यह बात उन्होने सिन्धु सभा द्वारा आयोजित बाल संस्कार शिविरों के  सामुहिक समापन समारोह में कही। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए सभा के जिला प्रवक्ता पंकज आडवाणी ने बताया कि प्रारम्भ में वीरुमल पुरसानी, परमानंद गुरनानी, हीरालाल गुरनानी, लालचंद नथरानी, नरेंद्र रामचन्दानी द्वारा भगवान झूलेलाल, सिन्धुपति महाराज दाहरसेन एवं भारत माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं  दीप प्रज्वलन किया गया। कार्यक्रम को भगवानदास नथरानी ने भी सम्बोधित किया। नगर प्रवक्ता किशोर लखवानी ने बताया कि परिक्षा एवं अन्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरण किए गए, साथ ही महामण्डलेश्वर एवं मुस्कान फाऊंडेशन की और से सभी प्रतिभागियों को भेंट भी दी गई, शिविरों में निःशुल्क सेवा देने वाले अध्यापकों एवं प्रशिक्षकों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया कार्यक्रम में बच्चों द्वारा  गायन एवं झूलेलाल के पंजडों पर नृत्य की प्रस्तुतियाँ भी दी गई। जिन्हें सभी दर्शकों द्वारा सराहा गया। जिले में 7 शिविर सिंधुनगर, बापूनगर, शास्त्री नगर, पंचवटी, मांडलगढ़, शाहपुरा एवं गुलाबपुरा में आयोजित किए गए। इन शिविरों में 5 वर्ष से 15 वर्ष तक के बच्चों को सिंधी भाषा एवं साहित्य संकृति की  जानकारी के साथ साथ अन्य गतिविधियों जैसे पेंटिंग, मेहंदी, ढोलक, गायन आदि चीजें भी सिखाई गई।

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