लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)
उनियारा। कृषि उपज मंडी उनियारा में शुक्रवार को भारतीय किसान संघ तहसील शाखा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मदन भाई कुमावत ने की। इस दौरान किसानों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक के बाद संघ के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
मुख्य मांगें – खाद, मुआवजा, अनुदान और गोमाता संरक्षण पर जोर
ज्ञापन में किसानों ने आठ प्रमुख मांगें रखीं —
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डीएपी व यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिए खाद वितरण में फिंगर प्रिंट और आंखों की स्कैनिंग प्रणाली लागू की जाए।
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कृषि मंडी में किसानों की जिंसों की खरीद सीधे उनके साधनों जैसे ट्रैक्टर-ट्रॉली, पीकअप, टेम्पो आदि से कराई जाए।
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सभी जिंसों की तुलवाई मंडी प्रांगण में ही की जाए।
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उपज का भुगतान मंडी परिसर में ही किसानों को तत्काल किया जाए।
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वर्ष 2023-24 और 2024-25 की उड़द-मूंग फसल के खराबे का बकाया मुआवजा शीघ्र दिलाया जाए।
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बैलों से खेती करने वाले किसानों को मिलने वाला 30 हजार रुपये का वार्षिक अनुदान बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया जाए तथा सरकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार हो।
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सांडों के संरक्षण के लिए ठोस व्यवस्था की जाए।
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गोमाता पेंशन योजना लागू कर प्रत्येक गोपालक को 1000 रुपये प्रतिमाह दिया जाए, जिससे गोसंरक्षण को प्रोत्साहन मिल सके।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो भारतीय किसान संघ आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ज्ञापन देने वालों में मुकेश चौधरी, रामभज धाकड़, मौजीराम मीणा, गिरिराज सैनी, दौलतराम जाट, भेरूलाल कुशवाहा, सत्यनारायण मीणा, श्योजीलाल जाट तथा घांसीलाल जाट प्रमुख रूप से शामिल थे।
