कांग्रेस की बातें पूर्णतः तथ्यहीन, मिथ्या एवं भ्रामक — कैबिनेट मंत्री दिलावर
पहले सरपंचों को करना पड़ता था आंदोलन
राजस्थान में कांग्रेस पार्टी हो रही समाप्त
लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर,। (रूपनारायण सांवरिया) पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। इसीलिए कांग्रेस के नेताओं में बेसिर पैर की बातें करने की होड़ मची हुई है। यही कारण है कि राजस्थान में कांग्रेस पार्टी समाप्त होती जा रही है। जल्द ही कांग्रेस पार्टी मुद्दा विहीन विपक्ष के रूप में जानी जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में ही डोटासरा अकेले पड़ते जा रहे हैं तथा उनकी नेगेटिविटी भी बढ़ती जा रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार के समय सरपंच जयपुर में आंदोलन करना पड़ता था लेकिन अब प्रदेशभर के सरपंचों के द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का अभिनंदन किया जा रहा है क्योंकि भजनलाल सरकार ने पंचायती राज को मज़बूत किया जबकि कांग्रेस ने पंचायती राज को कमजोर किया।
पंचायती राज मंत्री ने कहा कि भाजपा विकास की राजनीति करती है तो कांग्रेस व्यवधान की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि एक राज्य एक चुनाव केवल चुनावी सुधार नहीं बल्कि प्रशासनिक स्थिरता एवं विकास की तरफ मजबूत कदम है।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज अधिनियम के तहत प्रत्येक जिले में जिला परिषद का प्रावधान है। हमारी सरकार ने जिलों के पुनर्निर्धारण के साथ ही नई जिला परिषद के गठन की कार्यवाही शुरू कर दी। जबकि कांग्रेस सरकार ने नए जिलों में जिला परिषद के गठन का कोई काम ही नहीं किया।
राज्य सरकार द्वारा पंचायती राज अधिनियम की धारा 98 के तहत सभी जिला कलेक्टर्स को अधिकृत कर पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन हेतु अधिकृत किया है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में विलंब को देखते हुए एवं लोकतांत्रिक मूल्यांे को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार ही निवर्तमान सरपंच को प्रशासक लगाया गया है। साथ ही, निवर्तमान उपसरपंच व वार्डपंच की प्रशासकीय समिति बनाई गई है। इसके लिए झारखण्ड, मध्यप्रदेश व उत्तराखण्ड राज्यों में की गई इस तरह की व्यवस्था का पहले अध्ययन करवाया गया।
मंत्री दिलावर ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने पंचायतीराज संस्थाओं में ओबीसी के आरक्षण को अटकाने का काम किया। मनमोहन नागर बनाम मध्यप्रदेश याचिका में 17 दिसम्बर 2021 को उच्चतम न्यायालय के निर्णय के पश्चात भी ओबीसी आरक्षण के संबंध में तत्कालीन सरकार द्वारा दो वर्ष तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।
उन्होंने कहा कि राज्य वित्त आयोग मद से वर्ष 2023-24 में कुल जारी होने योग्य राशि 3808 करोड की सभी स्वीकृति जारी कर दी गई हैं। वर्ष 2024-25 कुल जारी होने योग्य राशि 6072 करोड में से प्रथम किश्त की राशि 3036 करोड रूपए जारी कर दी गई है। साथ ही, राज्य सरकार द्वारा पंचायतीराज विभाग में नियमानुसार ही स्थानांतरण किए जा रहे हैं। कांग्रेस की बातें पूर्णतः तथ्यहीन, मिथ्या एवं भ्रामक हैं।

















































