लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नावां सिटी (प्रदीप कुमार डागा)। सेवा भारती समिति डीडवाना द्वारा नावां नगर के खटीक बस्ती एवं वाल्मीकि बस्ती में संचालित बाल संस्कार केंद्रों का वार्षिक उत्सव रविवार को उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में बच्चों ने राष्ट्रभक्ति पर आधारित गीतों पर आकर्षक नृत्य, समूह गीत एवं लघु नाटिकाओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा का मनमोहक प्रदर्शन किया। बच्चों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से प्रभावित होकर अतिथियों ने उन्हें नगद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर सेवा प्रमुख गोविन्द कुमावत ने कहा कि सेवा भारती का उद्देश्य भारत माता का मस्तक ऊंचा रखना है। उन्होंने बताया कि संस्कार केंद्रों के माध्यम से समाज में समरसता और राष्ट्र निर्माण का कार्य किया जा रहा है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों से बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित होते हैं।
मुख्य अतिथि सीताराम जांगिड़, बाबूलाल गुप्ता एवं मालचंद भार्गव ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था अधिकतर कागजी बनकर रह गई है, जिससे व्यक्ति साक्षर तो बनता है, लेकिन संस्कारित नहीं हो पाता। उन्होंने भारतीय संस्कृति में सेवा भाव को सर्वोच्च बताते हुए बाल संस्कार केंद्रों की महत्ता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सुशील सुखरिया, जगदीश लखन एवं सुंदर लाल ने भी सेवा भारती द्वारा संचालित इन केंद्रों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में समाज को संस्कारों की सबसे अधिक आवश्यकता है।
इस अवसर पर दोनों केंद्रों के शिक्षक डिम्पल, नरेंद्र, जगदीश, ज्ञानचंद, मेघराज, गणेश परेवा, हुकमचंद, प्रकल्प प्रमुख सोमनाथ सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।






















































