लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भरतपुर। भरतपुर के सेवर सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 30 वर्षीय मोहित की इलाज के दौरान मौत हो गई। हाल ही में हत्या के मामले में कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
जेलर रणवीर सिंह के अनुसार, मोहित को 18 फरवरी को सजा सुनाई गई थी। 21 फरवरी को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और उसे प्राथमिक उपचार के बाद आरबीएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान सोमवार देर रात उसने दम तोड़ दिया। जेल प्रशासन ने बताया कि सजा के बाद मोहित की मानसिक स्थिति प्रभावित थी और वह असामान्य व्यवहार कर रहा था।
मामला 12 जनवरी 2020 का है। नदबई कस्बे में एक मिठाई की दुकान पर विजयपाल नामक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने करीब छह महीने बाद मोहित, योगेंद्र सिंह और हिमांशु को गिरफ्तार किया था। सुनवाई के बाद मोहित और योगेंद्र को आजीवन कारावास की सजा मिली, जबकि हिमांशु फरार घोषित कर दिया गया।
मोहित के परिजनों का कहना है कि वह पहले पूरी तरह स्वस्थ था और सजा सुनाए जाने के बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ी। प्रशासन ने कहा कि नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
















































