लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
30 सितंबर तक प्लास्टिक नियंत्रण नीति का ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश, सरकारी कार्यालयों में पूर्ण प्रतिबंध लागू करने पर जोर
जयपुर। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा है कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर्यावरण, पशुधन और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वित प्रयास करते हुए प्लास्टिक मुक्त राजस्थान के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में ठोस एवं परिणाममुखी कार्य करें।
मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित पंचायती राज विभाग के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री दिलावर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए 30 सितंबर तक राज्य की नीति (पॉलिसी) का ड्राफ्ट तैयार किया जाए। बैठक में पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी भी मौजूद रहे।
मदन दिलावर ने कहा कि 15 अगस्त से राज्यभर के ग्रामीण क्षेत्रों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री और उपयोग पर रोक सुनिश्चित करने के लिए विशेष जनजागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। अभियान में पंचायती राज संस्थाओं, ग्राम पंचायतों और संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि इसे जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब तक नई नीति तैयार नहीं हो जाती, तब तक वर्तमान नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत नियमित निरीक्षण कर सिंगल यूज़ प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री और उपयोग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
मंत्री ने सभी सरकारी विभागों और कार्यालयों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने के लिए आवश्यक आदेश जारी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालय स्वयं प्लास्टिक मुक्त कार्यसंस्कृति अपनाकर समाज के लिए उदाहरण बनें।
उन्होंने कहा कि केवल कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि आमजन को सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है। इसके लिए ग्राम पंचायतों, स्थानीय निकायों, विद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं और विभिन्न विभागों के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिससे लोग कपड़े, जूट और अन्य पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित हों।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की निदेशक सलोनी खेमका सहित स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उद्योग विभाग, परिवहन विभाग के अधिकारी तथा यूनिसेफ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
