लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पीसांगन, अजमेर — स्थानीय संवाददाता: ओमप्रकाश चौधरी
निलंबन के साथ मुकदमा दर्ज करने की मांग
मध्यप्रदेश सरकार के कृषि विभाग में उप सचिव पद पर कार्यरत रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के विवादित बयान को लेकर देशभर में विरोध जारी है। आरक्षण को लेकर ब्राह्मण समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद जहां मध्यप्रदेश सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया है, वहीं अब राजस्थान में भी इस बयान का विरोध तेज हो गया है।
पीसांगन उपखंड मुख्यालय पर ब्राह्मण समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम उपखंड अधिकारी राजीव बड़गूजर एवं तहसीलदार भागीरथ चौधरी को ज्ञापन सौंपकर आईएएस वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
“संपूर्ण नारी जाति और ब्राह्मण समाज का अपमान” — ज्ञापन में आरोप
सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि आईएएस संतोष वर्मा ने सार्वजनिक मंच से ऐसा बयान दिया है, जिससे ब्राह्मण समाज ही नहीं, बल्कि समूची नारी जाति का अपमान हुआ है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी द्वारा इस प्रकार का गैर-जिम्मेदाराना बयान देना सामाजिक सौहार्द को क्षति पहुंचाने वाला है।
संगठनों ने मांग की कि महज निलंबन पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके खिलाफ सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर विधि सम्मत कार्रवाई की जाए।
कई संगठनों ने लिया हिस्सा
ज्ञापन देने वालों में राजस्थान ब्राह्मण महासभा, सर्व ब्राह्मण महासभा समिति, अखिल भारतीय गुर्जर गौड़ महासभा, करणी सेना सहित कई सामाजिक संगठन शामिल थे।
प्रमुख रूप से उपस्थित व्यक्तियों में —
नंदकिशोर सेवदा, इंद्रप्रकाश नागवान, पंडित घनश्याम जोशी, अमित कुमार तिवारी, चेतन कुमार पाठक, मुकेशसिंह शेखावत, नरेश पारीक, श्रीकांत जोशी, रोहित आचार्य, दामोदर शर्मा, विनोद बाकोलिया, शिवराज शर्मा, योगेश तिवारी, एडवोकेट सुवालाल गुर्जर, राजेश वर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
स्थानीय स्तर पर उठी यह आवाज अब प्रदेशभर में फैल रही है और संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
