लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
विजय कपूर की रिपोर्ट
श्रीगंगानगर । श्री गुरु अर्जुन दास सत्संग भवन के संस्थापक एवं श्री रूद्र हनुमान सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गुरु अर्जुन दास जी के द्वारा सत्संग भवन में 630 वा लंगर लगाया गया। लंगर मखनी युक्त लशी वह मटर युक्त पुलाव शकरपारा के प्रसाद का श्री रुद्र हनुमान जी को भोग लगाकर वितरण किया गया। समिति द्वारा सेवाएं श्री गुरु अर्जुन दास, हुकुम देवी, संगठन मंत्री सतपाल कोर, अनुज मल्होत्रा, पंडित नरेश शर्मा, आशा रानी, सुभाष छाबड़ा, राजेश अंगी, एम डी सतीश, राजरानी, दिया, खुशी, निशा, मीकीं नवनीत मलोट, साहिल, देवेंद्र, संजू,नेते वाले महावीर प्रसाद जगतार सिंह, सिद्धू, पूनम, महेंद्र भटेजा, दक्ष अरोडा, चन्दन लावा, लखन लावा व अन्य सदस्यों द्वारा दी गई। सभी ने तन मन से सेवा दी।श्री गुरु अर्जुन दास जी महाराज द्वारा महाशिवरात्रि के पर्व की शुभकामनाएं दी गई औरश्री गुरू अर्जुन दास जी द्वारा बताया गया कि “शिवरात्रि शिव (आत्मा) की शरण है। यह अपने भीतर शिव तत्व का जश्न मना रहा है। रात्रि, जिसका अनुवाद रात के रूप में होता है, वह है जो आपको आराम या शांति देती है, जब सब कुछ शांत और शांतिपूर्ण हो जाता है। शिवरात्रि न केवल शरीर के लिए, बल्कि मन और अहंकार के लिए भी विश्राम है।महाशिवरात्रि आध्यात्मिक पथ पर चलने वाले साधकों के लिए बहुत महत्व रखती है।
यह उनके लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है जो पारिवारिक परिस्थितियों में हैं और संसार की महत्वाकांक्षाओं में मग्न हैं। पारिवारिक परिस्थितियों में मग्न लोग महाशिवरात्रि को शिव के विवाह के उत्सव की तरह मनाते हैं। सांसारिक महत्वाकांक्षाओं में मग्न लोग महाशिवरात्रि को, शिव के द्वारा अपने शत्रुओं पर विजय पाने के दिवस के रूप में मनाते हैं। परंतु, साधकों के लिए, यह वह दिन है, जिस दिन वे कैलाश पर्वत के साथ एकात्म हो गए थे। वे एक पर्वत की भाँति स्थिर व निश्चल हो गए थे। यौगिक परंपरा में, शिव को किसी देवता की तरह नहीं पूजा जाता। उन्हें आदि गुरु माना जाता है, पहले गुरु, जिनसे ज्ञान उपजा। ध्यान की अनेक सहस्राब्दियों के पश्चात्, एक दिन वे पूर्ण रूप से स्थिर हो गए। वही दिन महाशिवरात्रि का था। उनके भीतर की सारी गतिविधियाँ शांत हुईं और वे पूरी तरह से स्थिर हुए, इसलिए साधक महाशिवरात्रि को स्थिरता की रात्रि के रूप में मनाते हैं।”भारत की जीत पर (विजय) भारतीय टीम क्रिकेट के सभी खिलाड़ियों को श्री गुरू अर्जुन दास व श्री रुद्र हनुमान समिति के पदाधिकारियों की तरफ से बहुत बहुत बधाई हार्दिक शुभकामनाएं ।