लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नागौर/मकराना | राजस्थान सरकार द्वारा 1 अप्रैल से तीन महीने का राशन एक साथ वितरण करने की घोषणा के बावजूद मकराना क्षेत्र में राशन वितरण को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
उपभोक्ताओं का कहना है कि कई राशन डीलर उन्हें केवल एक महीने का राशन दे रहे हैं और शेष दो महीने का राशन बाद में देने की बात कह रहे हैं। डीलरों का कहना है कि फिलहाल पूरी सप्लाई नहीं पहुंची है और गाड़ी आने के बाद बाकी राशन दिया जाएगा।
इस मामले को लेकर निवर्तमान पार्षद मोहम्मद असलम चौधरी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर गंभीर अनियमितताओं की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि जमीनी स्तर पर योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं हो रहा है और गरीब उपभोक्ताओं को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है। पार्षद ने बताया कि राशन वितरण के दौरान उपभोक्ताओं से अंगूठा लगवाकर पूरा राशन वितरण दिखा दिया जाता है, जबकि वास्तव में केवल एक महीने का ही राशन दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि राशन कार्ड पर शेष राशन का कोई लिखित उल्लेख नहीं किया जा रहा, जिससे उपभोक्ताओं में असमंजस और असंतोष की स्थिति बनी हुई है। मोबाइल पर आने वाले संदेशों में केवल आधार प्रमाणीकरण की जानकारी मिलती है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं होता कि कितने महीने का राशन दिया गया है।
पार्षद चौधरी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और यदि एक महीने का राशन दिया जा रहा है तो शेष राशन का लिखित रिकॉर्ड अनिवार्य किया जाए। साथ ही उन्होंने दोषी डीलरों पर सख्त कार्रवाई, सप्लाई की स्थिति सार्वजनिक करने और एसएमएस में पूरी जानकारी देने की व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आम जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने भी आशंका जताई है कि बिना लिखित रिकॉर्ड के “बाद में राशन देने” का आश्वासन भरोसेमंद नहीं है और इससे गरीब उपभोक्ताओं को नुकसान हो सकता है।




















































