लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली: दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण हालात एक बार फिर गंभीर हो गए हैं। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के लगातार ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में बने रहने के चलते प्रशासन ने स्कूलों को हाइब्रिड और ऑनलाइन मोड में संचालित करने के निर्देश जारी किए हैं।
️ वायु गुणवत्ता का हाल
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार दिल्ली के कई इलाकों में AQI 400 के पार दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है।

स्कूलों के लिए क्या निर्देश?
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नर्सरी से कक्षा 8 तक के स्कूलों को ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में कक्षाएं चलाने की अनुमति
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कक्षा 9 से 12 तक के स्कूल आवश्यकतानुसार हाइब्रिड मॉडल अपना सकते हैं
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आउटडोर गतिविधियों, खेल और सुबह की प्रार्थनाओं पर रोक
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स्कूलों को छात्रों की स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश
शिक्षा विभाग ने कहा है कि स्थिति की दैनिक समीक्षा की जा रही है और जरूरत पड़ने पर और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
⚕️ स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
डॉक्टरों का कहना है कि इस स्तर का प्रदूषण बच्चों में
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सांस की तकलीफ
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आंखों में जलन
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गले में खराश
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अस्थमा और एलर्जी
जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है। लोगों को अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और मास्क पहनने की सलाह दी गई है।
GRAP के तहत सख्ती
प्रशासन ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत:
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निर्माण कार्यों पर रोक
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डीज़ल वाहनों पर प्रतिबंध
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औद्योगिक गतिविधियों पर नियंत्रण
जैसे कदम लागू किए हैं।
अभिभावकों की प्रतिक्रिया
कई अभिभावकों ने स्कूलों के ऑनलाइन होने के फैसले का स्वागत किया है, हालांकि कुछ ने पढ़ाई और स्क्रीन टाइम को लेकर चिंता भी जताई है।
स्थिति सामान्य होने तक ये पाबंदियाँ जारी रहेंगी। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है।