Home international “डेड इकोनॉमी? बिल्कुल नहीं, मिस्टर ट्रंप!”

“डेड इकोनॉमी? बिल्कुल नहीं, मिस्टर ट्रंप!”

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

हेमराज तिवारी- वरिष्ठ पत्रकार

हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय अर्थव्यवस्था को “डेड इकोनॉमी” कहकर जो टिप्पणी की, उसने न केवल मीडिया में हलचल मचा दी, बल्कि करोड़ों भारतीयों के आत्म-सम्मान को भी झकझोर दिया।

पर सच्ची पत्रकारिता केवल बयान छापने का नाम नहीं — तथ्यों के आधार पर सत्य को सामने लाने की जिम्मेदारी है और सच्चाई यह है भारत की अर्थव्यवस्था न तो मरी है, न रुकी है — बल्कि आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है।

आइए देखें कुछ ठोस आंकड़े और प्रमाण जो ट्रंप के कथन को झूठा साबित करते हैं।

सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), विश्व बैंक और मूडीज़ जैसी संस्थाएं यह स्पष्ट कह चुकी हैं:

IMF (2024-25): भारत की अनुमानित जीडीपी वृद्धि दर 6.8%

विश्व बैंक: वैश्विक आर्थिक वृद्धि में 15% योगदान अकेले भारत का
S&P Global: भारत 2030 तक $7 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बन सकता है
क्या यह “डेड” अर्थव्यवस्था के लक्षण हैं?

बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक क्रांति

PM गति शक्ति योजना: ₹100 लाख करोड़ से अधिक का निवेश
वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार, बुलेट ट्रेन, स्मार्ट सड़कों का निर्माण
EV क्रांति: इलेक्ट्रिक वाहनों का सालाना विकास दर 49% से अधिक
विकास के हर मोर्चे पर भारत ने वैश्विक मानकों को चुनौती दी है।

वैश्विक रोल मॉडल

UPI: हर महीने 10 अरब से ज्यादा लेन-देन ,दुनिया का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक डेटाबेस India Stack: अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका तक निर्यात किया जा रहा डिजिटल भारत आज न केवल टेक्नोलॉजी उपयोग कर रहा है, बल्कि दुनिया को डिजिटल समाधानों का निर्यात भी कर रहा है।

स्टार्टअप पॉवरहाउस

110+ यूनिकॉर्न कंपनियां ,पिछले 3 वर्षों में $50 अरब डॉलर से अधिक निवेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, फिनटेक और ग्रीन एनर्जी में अग्रणी Google, Apple, Microsoft जैसे दिग्गज कंपनियां एक जीवंत और संभावनाओं से भरपूर भारत में निवेश कर रही हैं।

कृषि और आत्मनिर्भर भारत

दुनिया का सबसे बड़ा दूध, दाल और मसालों का उत्पादक ,चावल, गेहूं और फलों में दूसरा स्थान कोविड काल में 150+ देशों को वैक्सीन दी ,डिफेंस एक्सपोर्ट में 700% की वृद्धि क्या ये “मृत अर्थव्यवस्था” के लक्षण हैं?

वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ता भारत

G20 अध्यक्षता में भारत ने खुद को वैश्विक दक्षिण की आवाज़ के रूप में प्रस्तुत किया

ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, मेक इन इंडिया, सेमीकंडक्टर मिशन — भारत के दीर्घकालिक विजन के प्रमाण हैं

2030 तक 500 GW अक्षय ऊर्जा का लक्ष्य

भारत आज पर्यावरणीय, तकनीकी और रणनीतिक हर क्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है।

भारत की आत्मा: 1.4 अरब लोगों का आत्मबल

ट्रंप जैसे लोग शायद अभी भी ऊंची इमारतों और डॉलर आधारित सूचकांकों को ही विकास का मापदंड मानते हैं।लेकिन भारत की सफलता आत्मबल, नवाचार और लोकहित में छिपी है।

एक किसान ड्रोन से खेती कर रहा है,
एक छात्र गांव से सैटेलाइट बना रहा है
एक महिला किराना दुकान पर UPI चला रही है ,एक बच्ची राजस्थान में कोडिंग सीख रही है

ये भारत है — जाग्रत भारत। यह नया भारत है।
ट्रंप साहब, आपने भारत को गलत समझा

शायद आप आंकड़ों से ज़्यादा अपने पूर्वग्रहों से बोले।
किंतु हम अपने आत्मबल और आंकड़ों से बोलते हैं — सत्य से।

भारत की अर्थव्यवस्था मरी नहीं — अब वह जाग रही है।
और जब भारत जागता है, तो दुनिया देखती है।

 

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