लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
एसडीएम की मध्यस्थता से हुआ समझौता
स्थानीय संवाददाता – ओमप्रकाश चौधरी
पीसांगन (अजमेर)। पीसांगन थाना क्षेत्र के बख्तावरपुरा गांव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के चलते हुए करंट हादसे में एक 45 वर्षीय किसान की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते उन्होंने बिजली घर पर ताला जड़कर और स्टेट हाईवे जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
जानकारी के अनुसार, खेत में कृषि कार्य के दौरान टूटे हुए बिजली के तार की चपेट में आने से किसान निंबाराम गुर्जर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि दो दिन पहले ही टूटे हुए तार की सूचना डिस्कॉम को दे दी गई थी, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं की गई, जिससे यह हादसा हुआ।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली घर पहुंचकर विरोध जताया और करीब दो घंटे तक परिसर में ताला जड़ दिया तथा पीसांगन–मांगलियावास स्टेट हाईवे को जाम कर दिया।
सूचना मिलने पर उपखंड अधिकारी राजीव बड़गूजर, तहसीलदार भागीरथ चौधरी और थानाधिकारी सरोज चौधरी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से लंबी वार्ता कर स्थिति को नियंत्रित किया।
वार्ता के बाद सहमति बनी कि मृतक के परिजन को नगर पालिका में संविदा नौकरी दी जाएगी, चिरंजीवी योजना के तहत 5 लाख रुपये तथा विभाग की ओर से 7.51 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया और धरना समाप्त हुआ।
पूरे क्षेत्र में व्यवस्था पर सवाल
स्थानीय लोगों ने बिजली व्यवस्था की लचर स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पीसांगन क्षेत्र में कई गांवों की बिजली व्यवस्था मात्र एक कनिष्ठ अभियंता के भरोसे संचालित हो रही है, जिससे रखरखाव और समय पर मरम्मत प्रभावित हो रही है।