लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)।
उपखंड क्षेत्र के श्री दिगम्बर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र सुथड़ा में जैन धर्म के अठारहवें तीर्थंकर अरहनाथ भगवान का तप कल्याणक मनाया गया। प्रबंध समिति के बसंत जैन अजय गोधा ने बताया कि वे वर्तमान कालचक्र के सातवें चक्रवर्ती थे। उन्होंने तीर्थंकर,चक्रवर्ती एवं कामदेव तीनों पद एक ही भव में प्राप्त किए थे।
उनका जन्म हस्तिनापुर में राजा सुदर्शन और रानी मित्रसेना के घर हुआ था।उनके प्रतीक चिन्ह के रूप में मछली को माना जाता है उन्होंने ‘राग और द्वेष जैसे शत्रुओं पर विजय कैसे प्राप्त करें’ इस विषय पर अपना पहला उपदेश दिया।शास्त्री प्रिंस जैन देवांश के निर्देशन में सर्वप्रथम मंगलाष्टक कर नित्य शांतिधारा की उसके बाद देव शास्त्र पूजा चौबीस भगवान की मुलनायक और अरहनाथ भगवान की पूजा कर तप कल्याणक महोत्सव मनाया।
भक्तामर संयोजक हुकुमचंद शहर वाले एवं नरेंद्र जैन बनेठा ने बताया कि शाम को साढ़े 6 बजे पुण्यार्जक परिवार ज्ञानचंद राहुल कुमार ककोड़,सुरेश कुमार अक्षत सौगाणी नैनवां एवं रविवार भक्तामर मंडल अलीगढ़ द्वारा भक्तामर दीपार्चना सानंद संपन्न की गई।










































