लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
मनजीत सिंह, ब्यूरो चीफ श्रीगंगानगर |
श्रीगंगानगर। धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता का भव्य प्रदर्शन करते हुए श्रीगंगानगर में इस वर्ष 74वां विजय दशमी महोत्सव (दशहरा) उत्साह और धूमधाम से मनाया जाएगा। श्री सनातन धर्म महावीर दल द्वारा आयोजित यह विशाल सामाजिक और धार्मिक महोत्सव गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025 को सुखाड़िया सर्कल स्थित रामलीला मैदान में होगा।
पिछले 73 वर्षों से लगातार महावीर दल इस भव्य आयोजन को सफलतापूर्वक करता आ रहा है, जिसमें हर साल हजारों लोग सपरिवार शामिल होकर आनंद उठाते हैं। इस बार भी कार्यक्रम को और अधिक भव्य व यादगार बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
मुख्य आकर्षण
रावण दल की भव्य सवारी
महोत्सव का आगाज दोपहर 1 बजे श्री हनुमान राम नाटक समिति के स्वरूपों और भगवान श्रीराम व लंकापति रावण की भव्य सवारी से होगा। रथ पर सवार ये झांकियां बैंड-बाजों और सेना के साथ शहर के मुख्य मार्गों से होकर रामलीला मैदान पहुंचेंगी।
विशाल पुतले और हाई-टेक दहन
-
70 फुट का रावण
-
65 फुट का कुम्भकर्ण
-
60 फुट का मेघनाथ
दहन के दौरान इन पुतलों से भयंकर गर्जना करने वाले पटाखे निकलेंगे।
विशेष आकर्षण:
-
रावण की आंखों से अंगारों की वर्षा
-
नाभि में घूमता आकर्षक चक्र
-
मेघनाथ का सिर चारों दिशाओं में घूमना
-
कुम्भकर्ण का अट्टहास
यह दृश्य दर्शकों को रोमांचित कर देगा।
राम-रावण युद्ध और दहन
मैदान में राम और रावण दल के बीच युद्ध का मंचन होगा। हनुमान जी द्वारा लंका दहन के बाद,
-
लक्ष्मण जी मेघनाथ का
-
भगवान श्रीराम कुम्भकर्ण और रावण का दहन करेंगे।
यह दृश्य बुराई पर अच्छाई की जीत का सजीव प्रतीक होगा।
भ्रष्टाचार और सामाजिक बुराइयों का दहन
केवल पौराणिक बुराइयों तक सीमित न रहकर, इस बार भ्रष्टाचार, आतंकवाद और सामाजिक बुराइयों के प्रतीक पुतलों का भी दहन किया जाएगा, ताकि समाज को जागरूक किया जा सके।
आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रम
रंगीन आतिशबाजी के साथ ही भोला पंछी इंटरनेशनल भंगड़ा ग्रुप अपने भंगड़ा, गिद्धा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेगा।













































