माली समाज ने संत लिखमी दास जयंती धूमधाम से मनाई

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फुलेरा ( हेमन्त शर्मा वरिष्ठ संवाददाता ) : कस्बे के श्री रामनगर स्थित माली सैनी समाज भवन में गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष पर रविवार को दोपहर 12:15 बजे संत शिरोमणि श्री लिखमीदास महाराज की जयंती समारोह माली सैनी समाज के अध्यक्ष तेजकरण सैनी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में उपस्थित सामाजिक प्रबुद्धजनों ने लिखमिदास महाराज के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। पार्षद पूजा भाटी ने संबोधित करते हुए कहा की सन्त लिखमीदास जी सोलंकी (जन्म विक्रम संवत् 1807 आषाढ सुदी 15 (पूर्णिमा तत्दनुसार 8 जुलाई 1750), राजस्थान के प्रसिद्ध सन्त थे। उनका जन्म सैनिक क्षत्रिय या राजपूत माली समाज में हुआ। वे विवाहित थे तथा उनके दो पुत्र और एक पुत्री थी। वे नागौर के निवासी थे।

पालिका उपाध्यक्ष योगेश सैनी ने कहा की लिखमिदास महाराज ने अनेकों भजन और दोहों की रचना की है जो आज भी बहुत लोकप्रिय हैं। राजस्थान में उनके बहुत से अनुयायी हैं। नागौर के निकट अमरपुरा में उनका एक मन्दिर है जहाँ उन्होने जीवित ही समाधि ले ली थी। अंत में सैनी समाज अध्यक्ष तेजकरण सैनी ने आभार प्रकट करते हुए कहा की माली समाज में जन्मे लिखमिदास महाराज ने अध्यात्म के प्रति मार्ग प्रशस्त करते हुए ईश्वर की भक्ति को सच्ची भक्ति बताया हमे उनके पदचिन्हों पर चलकर आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान ही दैनिक रेल यात्री महासंघ के पदाधिकारियों द्वारा स्टेशन पर गर्मियों में की गई जल सेवा के अंतर्गत माली समाज द्वारा विशेष सहयोग करने पर अध्यक्ष ने उपस्थित सदस्यों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। जानकारी देते हुए प्रवक्ता श्यामलाल सैनी ने बताया की इस मौके पर माली समाज अध्यक्ष तेजकरण सैनी, महामंत्री एडवोकेट राहुल सैनी, कोषाध्यक्ष गणेश खड़ोलिया, पालिका उपाध्यक्ष योगेश सैनी, पार्षद पूजा भाटी, अमरचंद सैनी,संरक्षक शेष नारायण सैनी, पूर्व पालिका उपाध्यक्ष शिवचरण सैनी, कैलाश पापटवान, दयानंद सैनी, सत्यनारायण सैनी, राजेंद्र इंदौरा, चेतन सिंगोदिया, शंकरलाल गढ़वाल, अश्वनी खड़ोलिया, मोनू सैनी, मीना सैनी, गीता देवी आदि मौजूद रहें।

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