लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
महिला सुरक्षा के लिए कॉन्स्टेबल से एएसआई तक मिलेगा यात्रा भत्ता
सीएम भजनलाल शर्मा बोले—महिलाओं का आत्मसम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण सरकार का संकल्प; महिला अत्याचार के मामलों में 48% से अधिक कमी का दावा
लोक टुडे | रूपनारायण सांवरिया
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिलाओं का आत्मसम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण राज्य सरकार का संकल्प है। महिला सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं की स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और समान अवसरों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। सरकार महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री रविवार को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स और महिला यूथ सीएलजी सदस्यों के संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 100 नई कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही कालिका यूनिट्स में तैनात महिला पुलिसकर्मियों को प्रतिमाह निश्चित यात्रा भत्ता देने की घोषणा की।
महिला पुलिसकर्मियों को मिलेगा निश्चित यात्रा भत्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराधों की रोकथाम, असामाजिक तत्वों में कानून का भय पैदा करना और महिलाओं में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना मजबूत करना भी है। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों से संवेदनशीलता, अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ काम करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला, मुद्रा और लखपति दीदी जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
महिला अत्याचार के मामलों में 48 प्रतिशत से अधिक कमी का दावा
मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2026 में महिला अत्याचार के मामलों में लगभग 48 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है। इन मामलों में अनुसंधान का औसत समय घटकर 48 दिन रह गया है।
उन्होंने बताया कि कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स ने 55 हजार से अधिक असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके अलावा 50 लाख महिलाओं एवं बालिकाओं को कानून और 18 लाख से अधिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया है। लगभग 16.70 लाख महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी दिया गया है।
हेल्पलाइन पर 28 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण
मुख्यमंत्री ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रदेश में 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड संचालित किए जा रहे हैं। महिला हेल्पलाइन 1090 पर पिछले पौने तीन वर्षों में 28 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया गया है।
महिलाओं को उनके अधिकारों और कानूनों के प्रति जागरूक करने के लिए करीब 22 हजार सुरक्षा सखियों का चयन किया गया है। वहीं, अभय कमांड एवं नियंत्रण केंद्र के माध्यम से प्रदेशभर में 12,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
सामुदायिक पुलिसिंग पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में सामुदायिक पुलिसिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में 2.60 लाख से अधिक लोगों को सामुदायिक पुलिसिंग से जोड़ा गया है। इनमें 84 हजार से अधिक यूथ सीएलजी सदस्य, 83 हजार से अधिक सीएलजी सदस्य, 40 हजार पुलिस मित्र और 29 हजार ग्राम रक्षक शामिल हैं।
उन्होंने अधिकारियों को थानों में नियमित बैठकें आयोजित करने और गांवों तथा शहरी क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ित महिला या बालिका की शिकायत गंभीरता से सुनना, उसकी निजता और गरिमा बनाए रखना तथा समय पर सहायता उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए।
जीरो टॉलरेंस नीति से मजबूत हो रही महिला सुरक्षा : बेढम
गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है। कालिका यूनिट्स की सक्रियता से महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिला पुलिसकर्मियों और प्रदेश के विभिन्न जिलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ी महिला यूथ सीएलजी सदस्यों के अनुभव और सुझाव भी सुने।
इस अवसर पर सांसद मंजू शर्मा, जयपुर नगर निगम के महापौर सुनील कोठारी, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर ए. सावंत सहित अन्य अधिकारी और महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

























































