लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
लोसल (सीकर) से ओम प्रकाश सैनी
गाजे-बाजे और पारंपरिक लवाजमे के साथ सांगलिया पहुंचे श्रद्धालु।
लोसल (सीकर) तेजा दशमी की पूर्व संध्या पर वीर तेजा संघ के तत्वावधान में एक विशाल पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा लोसल कस्बे से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद गाजे-बाजे के साथ रवाना होकर वीर तेजा मंदिर सांगलिया पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने धोक लगाकर क्षेत्र में अमन-चैन और खुशहाली की कामना की। पदयात्रा में राजस्थानी लोक संस्कृति और धार्मिक आस्था का भव्य संगम देखने को मिला। यात्रा के दौरान बैंड-बाजे और डीजे की धुन पर बज रहे तेजाजी के लोकगीतों पर युवा जमकर थिरके। यात्रा में ऊंट, घोड़ी और वाहनों का लंबा काफिला शामिल रहा।
बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा पहनकर सजी-धजी ऊंट गाड़ियों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर उत्साहपूर्वक शामिल हुए। कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरी इस पदयात्रा का स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर आत्मीय स्वागत किया। पूरे मार्ग में वीर तेजाजी महाराज के गगनभेदी जयकारों से वातावरण पूरी तरह धर्ममय बन गया। सांगलिया मंदिर पहुंचने पर पदयात्रा का औपचारिक समापन हुआ।




















































