लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मंगरिया वाले बावजी को लगाया 601 किलो खीर का भोग
पशुपालकों ने डेयरी में दूध देने के बजाय देवालय में किया अर्पित, अच्छी बारिश और पशुधन की खुशहाली की मांगी मन्नत
गौतम शर्मा, राजसमंद
राजसमंद। कुंवारिया क्षेत्र के पीपली अहिरान गांव में रविवार को सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया गया। गांव के सभी पशुपालक एवं ग्रामीण मंगरिया वाले श्याम देवालय पहुंचे और भगवान की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में खुशहाली, अमन-चैन, अच्छी बारिश और पशुधन को बीमारियों से बचाने की कामना की।
गांव के देवीलाल अहीर ने बताया कि वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत इस दिन गांव के सभी पशुपालक अपने पशुओं का दूध मंगरिया वाले श्याम के दरबार में अर्पित करते हैं। इसी परंपरा के तहत रविवार को किसी भी पशुपालक ने दूध डेयरी पर नहीं दिया। पशुपालक दूध लेकर देवालय पहुंचे और भगवान को अर्पित कर पूजा-अर्चना की।
जयकारों से गूंजा देवालय परिसर
पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के जयकारे लगाए। ग्रामीणों ने क्षेत्र में अमन-चैन, खुशहाली और अच्छी बारिश की कामना करते हुए ताल-तलैया भरने तथा पशुओं को किसी भी प्रकार की बीमारी से सुरक्षित रखने की प्रार्थना की।
भोपाजी देवीलाल गाडरी एवं बालूराम गाडरी ने मंगरिया वाले श्याम का आकर्षक श्रृंगार किया। इसके बाद महाआरती का आयोजन हुआ। शाम 5:15 बजे भगवान को 601 किलो खीर का भोग लगाया गया। भोग के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण शुरू किया गया, जो देर शाम तक चलता रहा।
ग्रामीणों ने मिलकर तैयार की 601 किलो खीर
विशाल मात्रा में खीर तैयार करने में पंडित प्रवीण जोशी, गंगाराम अहीर, शांतिलाल प्रजापत सहित कई ग्रामीणों ने सहयोग किया। धार्मिक आयोजन को लेकर गांव के पशुपालकों और ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं पशुपालक मौजूद रहे और श्रद्धाभाव से भगवान मंगरिया वाले श्याम के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं पशुधन की खुशहाली की कामना की।




















































