लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
कृषि पर्यवेक्षक ने खेतों में पहुंचकर किसानों को दिए बचाव के सुझाव
थ्रिप्स, हरा फुदका और सफेद मक्खी का बढ़ा खतरा, समय पर नियंत्रण नहीं हुआ तो 50-60% तक घट सकती है पैदावार
रिपोर्ट: गौतम शर्मा, राजसमंद
राजसमंद। बारिश की कमी और तापमान में बढ़ोतरी के चलते राजसमंद जिले के झौर क्षेत्र में कपास की फसल पर कीटों का प्रकोप बढ़ने लगा है। कपास की फसल में थ्रिप्स, हरा फुदका और सफेद मक्खी सहित विभिन्न कीटों का प्रकोप दिखाई दे रहा है। फसल को हो रहे नुकसान को देखते हुए कृषि विभाग के कृषि पर्यवेक्षक विकास शर्मा ने सोमवार को झौर क्षेत्र में किसानों के खेतों का निरीक्षण किया और फसलों की स्थिति का जायजा लिया।
कपास समेत अन्य फसलों का किया निरीक्षण
कृषि पर्यवेक्षक विकास शर्मा ने क्षेत्र में कपास के साथ-साथ मक्का, उड़द और मूंग की फसलों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को फसलों में लगने वाले रोग एवं कीटों की पहचान तथा उनके नियंत्रण के उपायों की जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान कई किसानों के खेतों में कपास की फसल में रोग के लक्षण भी पाए गए। कृषि पर्यवेक्षक ने किसानों को समय रहते आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी।
50 से 60 प्रतिशत तक घट सकती है पैदावार
कृषि पर्यवेक्षक ने बताया कि कपास की फसल में कीटों का समय पर नियंत्रण नहीं होने पर उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है। लगातार कीट प्रकोप रहने की स्थिति में कपास की पैदावार में 50 से 60 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे नियमित रूप से खेतों का निरीक्षण करते रहें और फसल में कीट या रोग के लक्षण दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार उचित कीटनाशक एवं रोगनाशक दवाओं का निर्धारित मात्रा में छिड़काव करें।
समय पर फसल निरीक्षण जरूरी
कृषि पर्यवेक्षक ने कहा कि बारिश की कमी और तापमान में बढ़ोतरी के कारण फसल की स्थिति पर विशेष नजर रखना जरूरी है। आवश्यकता के अनुसार फसल में पानी की सिंचाई करने की भी सलाह दी गई।
उन्होंने किसानों से कहा कि समय पर फसल का निरीक्षण कर सही दवा का उचित मात्रा में उपयोग किया जाए तो कीट एवं रोगों से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन बेहतर होने के साथ किसानों को अच्छा मुनाफा भी मिल सकता है।
निरीक्षण के दौरान किसान गोपाल शर्मा, गोवर्धन लाल, देवीलाल शर्मा, भगवती लाल, संजय कुमार सहित अन्य किसान मौजूद रहे।

















































