लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भगोरिया नृत्य और विद्युत झांकियों ने मोहा मन
चौमहला में शिव मंडल के तत्वावधान में भव्य चल समारोह, क्यासरा महादेव का मुखौटा बना आकर्षण; अखाड़े और भजन मंडलियों ने बांधा समां
चौमहला, झालावाड़। सावन की धार्मिक आस्था और भक्ति के रंग में रंगे चौमहला कस्बे में सोमवार रात भगवान शंकर की भव्य सवारी राजसी ठाट-बाट और श्रद्धा के साथ निकाली गई। चौमहला शिव मंडल के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य चल समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। सवारी में शामिल आकर्षक विद्युत चलित झांकियां, क्यासरा महादेव का मुखौटा, आदिवासी भगोरिया नृत्य और अखाड़े के करतब प्रमुख आकर्षण रहे।
भगवान शंकर की सवारी को लेकर पूरे कस्बे को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त रोशनी की व्यवस्था की गई। धार्मिक उत्सव के चलते कस्बे में देर रात तक भक्तिमय माहौल बना रहा।
भगोरिया नृत्य और विद्युत झांकियों ने खींचा ध्यान
शिव मंडल अध्यक्ष कान्हा राठौर ने बताया कि भगवान शंकर की सवारी में कुल सात झांकियां शामिल रहीं। इनमें आकर्षक विद्युत चलित झांकियों के साथ क्यासरा महादेव का मुखौटा, बैंड-बाजे, महावीर व्यायामशाला का अखाड़ा और विभिन्न गांवों से आई भजन मंडलियां शामिल थीं।
सवारी में झाबुआ, मध्यप्रदेश से आए आदिवासी कलाकारों का पारंपरिक भगोरिया नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों की प्रस्तुति देखने के लिए मार्ग में जगह-जगह लोगों की भीड़ जमा रही।
इसके अलावा गण मंडल, भस्म रमैया सहित अन्य धार्मिक प्रस्तुतियों ने भी श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। कलाकारों ने भगवान शिव की विभिन्न लीलाओं का मंचन कर वातावरण को शिवमय बना दिया।
महाआरती के बाद शुरू हुई सवारी
भगवान शंकर की सवारी रात करीब 8 बजे नर्बेश्वर महादेव मंदिर से महाआरती के साथ शुरू हुई। इसके बाद सवारी कस्बे के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी।
सवारी के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शंकर के जयकारे लगाए। जगह-जगह लोगों ने सवारी का स्वागत किया और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की।
श्रद्धालुओं के लिए भंडारे और अल्पाहार की व्यवस्था
आसपास के गांवों और कस्बों से सवारी में शामिल होने पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए अग्रवाल धर्मशाला में भंडारे का आयोजन किया गया।
इसके अलावा नगर के विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों की ओर से अलग-अलग स्थानों पर अल्पाहार के स्टॉल लगाए गए। आयोजकों और सामाजिक संगठनों की व्यवस्थाओं के चलते श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिली।
सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात
चौमहला का यह आयोजन कस्बे के सबसे बड़े धार्मिक समारोहों में शामिल होने के कारण सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए।
कस्बे में जगह-जगह अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात रहा। कार्यक्रम के दौरान गंगधार, उन्हेल, डग और पगारिया थाना पुलिस के साथ झालावाड़ से आया अतिरिक्त पुलिस बल भी सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद रहा।
पुलिसकर्मियों ने सवारी के मार्ग पर भीड़ और यातायात व्यवस्था को संभाला।
मिट्टी से बनी भगवान शंकर की प्रतिमा बनी आकर्षण
सवारी के दौरान मंडी नर्बेश्वर महादेव मंदिर के समीप शारीरिक शिक्षक दिलीप सिंह द्वारा मिट्टी से बनाई गई भगवान शंकर की आकर्षक प्रतिमा भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
मिट्टी से तैयार की गई प्रतिमा की कलात्मकता देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग रुके। श्रद्धालुओं ने प्रतिमा की सराहना की और भगवान शंकर के दर्शन किए।
देर रात तक गूंजते रहे भोलेनाथ के जयकारे
भव्य झांकियों, भगोरिया नृत्य, अखाड़े के प्रदर्शन, भजन मंडलियों और शिव लीलाओं की प्रस्तुतियों ने चौमहला की रात को भक्तिमय बना दिया। राजसी ठाट-बाट के साथ निकली भगवान शंकर की सवारी में आस्था और लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला।














































