लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गंगापुर सिटी के निजी अस्पताल संचालक को विदेशी नंबर से व्हाट्सऐप कॉल और वॉइस मैसेज, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर। (बनी सिंह मीना) गंगापुर सिटी में एक निजी अस्पताल संचालक से कथित तौर पर पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगने और रकम नहीं देने पर उन्हें तथा उनके परिवार को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। सालौदा मोड़ स्थित रिया हॉस्पिटल के संचालक डॉ. महेंद्र कुमार मीना की रिपोर्ट पर उदेई मोड़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्ट के अनुसार 18 अगस्त की शाम करीब 6:03 बजे डॉ. महेंद्र के मोबाइल पर एक विदेशी नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ‘गोदारा’ बताते हुए कथित रूप से कहा कि उनकी उड़ान ज्यादा हो गई है और उसके आदमी उन्हें फोन करेंगे, उनकी बात मानने को कहा। इसके बाद नंबर को ब्लॉक कर दिया गया।
21 अगस्त को फिर आए कॉल और धमकी भरे मैसेज
डॉ. महेंद्र के अनुसार 21 अगस्त को एक अन्य विदेशी नंबर से लगातार व्हाट्सऐप कॉल और वॉइस मैसेज आने लगे। आरोप है कि इन संदेशों में उनके बेटे को गोली मारने और पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई।
इसी दौरान कथित कॉलर ने पांच करोड़ रुपये पहुंचाने की मांग की। रकम नहीं देने पर डॉ. महेंद्र और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप है।
बेटे ऋषभ को भी धमकाने का आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक डॉ. महेंद्र के पुत्र ऋषभ के मोबाइल पर भी व्हाट्सऐप कॉल और वॉइस मैसेज आए। आरोप है कि खुद को ‘गोदारा ग्रुप’ से जुड़ा बताने वाले व्यक्ति ने ऋषभ को भी धमकाया और परिवार को खत्म करने की बात कही।
लगातार मिल रही कथित धमकियों के बाद डॉ. महेंद्र और उनका परिवार दहशत में है। उन्होंने पुलिस से परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज
उदेई मोड़ थाना पुलिस के अनुसार पीड़ित की रिपोर्ट के आधार पर बीएनएस की धारा 308(5) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अब धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए गए व्हाट्सऐप कॉल, वॉइस मैसेज और संबंधित मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कॉल और मैसेज वास्तव में कहां से किए गए तथा इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
मामले में पुलिस द्वारा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।


















































