लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नागौर में पुलिस विभाग की विशेष जागरूकता कार्यशाला आयोजित
नागौर। (प्रदीप कुमार डागा) अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशानुसार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), नागौर में सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों तथा साइबर जागरूकता विषय पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाना और उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी से सतर्क करना था।
कार्यशाला के प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता उप अधीक्षक पुलिस यातायात उम्मेद सिंह ने छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन करना, मोबाइल फोन का उपयोग न करना, नशे की हालत में वाहन न चलाना तथा हेलमेट और सीटबेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने लेन अनुशासन, यातायात संकेतों का पालन, पैदल यात्रियों को प्राथमिकता देने तथा खतरनाक ओवरटेकिंग से बचने की सलाह दी। साथ ही नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से संबंधित नए दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी भी दी।
सड़क हादसों में मदद पर मिलेगा लाभ
उप अधीक्षक ने सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि राहवीर योजना एवं प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को कानूनी कार्रवाई से छूट के साथ ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। साथ ही घायल को सूचीबद्ध अस्पतालों में 7 दिन तक ₹1.5 लाख तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री आयुष्मान सड़क दुर्घटना बीमा योजना के तहत ‘हिट एंड रन’ मामलों में मृतक के आश्रितों को ₹2 लाख तथा गंभीर घायल को ₹50,000 की सहायता राशि मिलने की जानकारी भी दी।
साइबर अपराध से सतर्क रहने की अपील
कार्यशाला के द्वितीय सत्र में साइबर जागरूकता पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य वक्ता उम्मेद सिंह ने डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, APK फाइल स्कैम, KYC फ्रॉड, लॉटरी स्कैम, पार्सल स्कैम, ऑनलाइन जॉब फ्रॉड, फर्जी कस्टमर केयर नंबर और साइबर स्लेवरी जैसे बढ़ते साइबर अपराधों के बारे में छात्रों को सतर्क किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और संदिग्ध मैसेज या कॉल पर विश्वास न करें।
साइबर फ्रॉड पर तुरंत करें 1930 पर कॉल
साइबर थाना के कांस्टेबल मुकनाराम ने साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने ‘गोल्डन ऑवर’ के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि समय पर शिकायत दर्ज कराने से नुकसान को रोका जा सकता है।
इसके अलावा उन्होंने सीईआईआर (CEIR) पोर्टल के माध्यम से मोबाइल ब्लॉक करने और खोजने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी।
कार्यशाला में यातायात थाना के कांस्टेबल गणेशाराम, संस्थान के पदाधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।





















































